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प्रदूषण के कारण वातावरण में हर दिन घट रही आक्सीजन की मात्रा, उभर रहे सामान्य रोग के गंभीर लक्षण

Sun, 09 Jun 2019 04:46 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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गर्मी में हर दिन के साथ बढ़ रहा प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के बैनर तले मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय सभागार में ‘जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में बताया गया कि प्रदूषण के कारण वातावरण में आक्सीजन की मात्रा घट रही है। इससे सांस के रोग बढ़ रहे हैं।

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आक्सीजन की मात्रा घटने से सामान्य रोग के गंभीर लक्षण उभरने लगते हैं। कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. अशोक शुक्ला ने बताया कि वातावरण में 20 फीसदी आक्सीजन और 80 फीसदी नाइट्रोजन तथा दूसरी गैस रहती हैं। प्रदूषण के कारण आक्सीजन 18 फीसदी हो गई है और अन्य गैसों की मात्रा 82 फीसदी है। 

कार्यशाला में बताया गया कि डीजल, पेट्रोल के वाहनों, जनरेटर और कचरा जलाने से प्रदूषण बढ़ रहा है। इससे पर्यावरण में असंतुलन आ रहा है। लोग घरों में तो एयर प्यूरीफायर लगा सकते हैं, लेकिन बाहर तो उन्हें प्रदूषित हवा में सांस लेनी पड़ती है। अगर वायु प्रदूषण नहीं रुका तो आक्सीजन सिलेंडर पीठ पर लादकर चलने जैसी नौबत आ सकती है।
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डॉ. महेश कुमार ने बताया कि प्रदूषण के कारण दमा, ब्रोंकाइटिस, सीओपीडी सरीखी गंभीर बीमारियां हो रही हैं। कार्यक्रम का संचालन जिला कोआर्डिनेटर डॉ. एसके निगम ने किया। इस मौके पर एनएचएम के आईटी प्रभारी मोहित दीवान, डॉ. एससी पाठक, डॉ. मेहरोज अख्तर, योगेंद्र पाल आदि मौजूद रहे।

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