कानपुर में रोगियों के लो ऑक्सीजन सेच्युरेशन से अस्पतालों में आने से हैलट और कांशीराम अस्पताल में ऑक्सीजन का बैक अप छोटा पड़ रहा है। इसके साथ ही हाई फ्लो नेजल कैनुला में ऑक्सीजन की खपत वेंटिलेटर की तुलना में अधिक हो रही है।
इससे भी ऑक्सीजन की किल्लत होने का अंदेशा बढ़ गया है। इस पर अस्पताल अपना बैक अप बढ़ा रहे हैं। सोमवार को प्रशासन की बैठक में आक्सीजन की व्यवस्था करने पर चर्चा हुई है। हैलट में मैटरनिटी विंग की आईसीयू यूनिट समेत न्यूरो साइंसेस कोविड अस्पताल में हाई फ्लो नेजल कैनुला लगने से ऑक्सीजन की खपत बढ़ गई है।
हैलट में इस वक्त 24 हाई फ्लो नेजल कैनुला लगे हुए हैं। हैलट में ऑक्सीजन की व्यवस्था करने के लिए लिंडे कंपनी को ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ाने के लिए पत्र लिखा गया है। इसके साथ ही ऑक्सीजन सिलिंडर की संख्या बढ़ाई जा रही है। न्यूरो साइंसेस कोविड अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. प्रेम सिंह ने बताया कि बैक अप की व्यवस्था की जा रही है।
इसी तरह कांशीराम अस्पताल में भी बैक अप कम पड़ रहा है। अस्पताल में इस वक्त 130 आक्सीजन सिलिंडर हैं, बैक अप के लिए 600 सिलिंडर की जरूरत है। यहां प्रस्तावित लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट बनने में ढाई-तीन महीने लगेंगे। कांशीराम अस्पताल के सीएमएस डॉ. दिनेश सिंह सचान ने बताया कि मंगलवार को 50 सिलिंडर और मिल जाएंगे। और व्यवस्था भी की जा रही है।