कानपुर देहात। कानपुर में बनने वाली आउटर रिंग रोड जनपद को भी जोड़ेगी। इसके लिए मैथा क्षेत्र के 20 गांवों की जमीन का अधिग्रहण कर 22.5 किमी की सड़क बनाई जाएगी। एनएचएआई ने इसकी अधिसूचना जारी कर एडीएम वित्त एवं राजस्व को अधिग्रहण का नोडल अधिकारी बनाया है। रिंग रोड के बनने से ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
पहले चरण में रिंग रोड मंधना से कानपुर-झांसी हाईवे को जोड़ा जाना है। इसमें कानपुर नगर के 59 गांव व देहात के 20 गांवों की जमीनों का अधिग्रहण होना है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से पहली अधिसूचना जारी कर बताया गया है कि रोड़ बनाने में कुल 79 गांवों की जमीन का अधिग्रहण होगा। 22.5 किमी की सड़क बनाई जाएगी।
अभी झांसी, भिंड, ग्वालियर, भोगनीपुर, लालपुर, मलासा, जैन और रनियां औद्योगिक क्षेत्र से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन कल्याणपुर, मंधना, चौबेपुर जीटी रोड से होकर जाते हैं। वाहनों को कानपुर नगर के जाम में फंसना पड़ता है। रिंग रोड के बनने से वाहन कानपुर-झांसी हाईवे के पास से मंधना पहुंच सकेंगे। इससे वाहन सवारों का 20 किमी का चक्कर बचेगा।
इसके साथ ही जनपद से रिंग रोड निकलने से ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग, नई टाउनशिप बन सकेगी। गैर जनपदों के लोगों को उद्योग लगाने का अवसर मिलेगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। जल्द ही एनएचएआई की ओर से दूसरी अधिसूचना भी जारी होगी। इसमेें एनएचएआई अधिग्रहण के लिए चिह्नित की गईं जमीन के मालिकों से आपत्ति लेगा। मुआवजे का भुगतान जिला प्रशासन की ओर से किया जाएगा।
इन गांव की जमीनों का होना है अधिग्रहण
बघवट, मलिकपुर, मकरंदपुर बंथा, टोडरपुर, प्रतापपुर खास, ढिकिया, बाघपुर, अन्ने, रास्तपुर, फत्तेपुर निहुटा, टिकरी, ह्दयपुर प्रतापुर, बाराखेड़ा, सिहपुर दिवनी, रंजीतपुर, भाऊपर, खरगपुर बिठूर, बसौसी, निहुटा।
आउटर रिंग रोड के लिए पहली अधिसूचना जारी हो चुकी है। इसमें कानपुर नगर के 59 व देहात के 20 गांवों की जमीनों का अधिग्रहण किया जाना है। दूसरी अधिसूचना जारी होने के बाद अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू होगी। - पंकज मिश्रा, परियोजना निदेशक, एनएचएआई