जिला अस्पताल पुरुष में ऑर्थो ओटी न खुलने पर सीएमएस से नाराजगी जताते सांसद देवेंद्र सिंह। (संवाद)
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कानपुर देहात। स्वास्थ्य अफसरों की मनमानी से जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त पड़ी हैं। मनमानी का आलम यह है कि अस्पताल शुरू होने के 16 साल बीतने पर भी अस्थि रोग का ऑपरेशन थियेटर चालू नहीं हो सका।
सोमवार को अकबरपुर सांसद जब ओटी का जायजा लेने पहुंचे तो उन्हें चाबी न होने का हवाला दे दिया गया। दस मिनट तक खड़े रहने के बाद सांसद ने कड़ी नाराजगी जताई और मामले को शासन स्तर पर ले जाने की चेतावनी दी।
अकबरपुर जिला अस्पताल का संचालन 2005 में शुरू किया। मरीजों की सहूलियत के लिए इमरजेंसी के पास ही अस्थि रोग का ऑपरेशन थियेटर बना है, लेकिन अस्पताल शुरू होने के बाद से ओटी शुरू नहीं की गई।
जिम्मेदारों ने ओटी के ऊपर बने महिला सीएमएस कक्ष के शौचालय का पानी टपकने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया, लेकिन मरम्मत कराने की कवायद नहीं की गई। जिससे अस्थि रोग पीड़ित मरीजों को ऑपरेशन के लिए कानपुर नगर समेत आसपास जिलों की दौड़ लगानी पड़ती है।
सोमवार को जिला अस्पताल में एक कार्यक्रम से शामिल होकर वापस लौटते समय अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले को लोगों ने ओटी शुरू न होने की समस्या बताई। जिस पर सांसद ओटी की हालत देखने पहुंचे तो बाहर ताला लगा मिला।
उन्होंने सीएमएस को बुलाकर ताला खोलने को कहा। प्रभारी सीएमएस डॉ. आरए मिर्जा ने ताले की चाबी रखने वाले अस्थि रोग चिकित्सक के चले जाने की बात कहकर असमर्थता जता दी। इतना सुनते ही सांसद भड़क गए।
इस दौरान सांसद करीब दस मिनट तक खड़े रहे, लेकिन ओटी का ताला नहीं खोला गया। बाद में सांसद ने सीएमएस को खरी-खोटी सुनाई और मनमानी करने वाले डॉक्टर व कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन में मामला उठाने की बात कही।