जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला की अगुवाई में टीम ने हॉस्पिटल के ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, नेत्र रोग विभाग, हाई डिपेंडेंसी यूनिट और वार्डों का निरीक्षण किया। टीम में कार्डियोलॉजी के निदेशक डॉ. राकेश कुमार वर्मा तथा केजीएमयू के डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सा संस्थान लखनऊ और झांसी के विशेषज्ञ रहे।
हॉस्पिटल को लाइसेंस देने के संबंध में टीम अपनी रिपोर्ट देगी। लाइसेंस मिल जाता है तो हैलट और कार्डियोलॉजी में अंग प्रत्यारोपण शुरू किया जा सकेगा। सेंटर से कैडबर (मृत शरीर) और ब्रेन डेड (लाइव) दोनों दिए जा सकेंगे। गुर्दा प्रत्यारोपण के संबंध में प्रस्ताव तैयार करने पर विचार किया जाएगा। सेंटर से कार्निया भी मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग को मिल सकती हैं। कॉलेज में यूरो सर्जन और नेफ्रोलॉजिस्ट उपलब्ध हैं। -डॉ. संजय काला, प्राचार्य, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर खुलेगा को लाइसेंस मिलने के बाद इससे करार करके ब्रेन डेड लोगों का हृदय लिया जा सकता है। इससे कार्डियोलॉजी में हृदय प्रत्यारोपण की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। -डॉ. राकेश कुमार वर्मा, निदेशक, कार्डियोलॉजी