इसमें 2.895 हेक्टेयर (16 बीघा से अधिक) जमीन वन विभाग की निकली। इस रिपोर्ट से वन विभाग को भी अवगत कराया गया। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की दो सदस्यीय पीठ ने दो दिसंबर को वन विभाग को तीन महीने के अंदर पूरी जमीन खाली कराने का आदेश दिया है।
प्रकरण मेरे कार्यकाल से पूर्व का है, इसलिए पूरी तरह से संज्ञान में नहीं है। माननीय उच्च न्यायालय का आदेश प्राप्त होने के बाद प्रकरण संज्ञान में आया है। पूरे प्रकरण की पत्रावली का गंभीरता से अध्ययन कर रिपोर्ट देने के लिए एडीएम को जिम्मेदारी दी गई है। शीघ्र ही उत्तरदायित्व निर्धारित कर कार्रवाई की जाएगी। - अपूर्वा दुबे, जिलाधिकारी