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हवाहवाई है परास्नातक में उम्र की पाबंदी खत्म करने का आदेश, रजिस्ट्रार ने कही ये बात

Fri, 14 Jun 2019 01:58 PM IST
प्रशांत कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय
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छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर से परास्नातक करने के लिए उम्र की पाबंदी को खत्म कर दिया गया है। यह आदेश कार्य परिषद में तो पास हो गया लेकिन इसका पालन खुद विवि प्रशासन नहीं कर रहा है। कॉलेज में प्रवेश के लिए अनिवार्य डब्ल्यूआरएन (वेब रजिस्ट्रेशन नंबर) जनरेट करने के लिए वेबसाइट पर सिर्फ वर्ष 2014 तक का ही रिकॉर्ड ले रहा है। मतलब इससे पहले स्नातक करने वाले अभ्यर्थी प्रवेश नहीं ले सकेंगे।
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स्नातक करने के पांच वर्ष बाद तक अगर अभ्यर्थी पढ़ाई नहीं करता था तो वह संस्थागत छात्र के रूप में परास्नातक में दाखिला नहीं ले पाता था। ऐसे छात्रों की संख्या काफी अधिक रहती है। तीन मई की बैठक में कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता व रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह ने तय किया था कि छात्र हित को देखते हुए पांच साल तक की बाध्यता को समाप्त कर दिया जाए। इस पर सभी सदस्यों की मुहर भी लग गई। विवि प्रशासन ने यह उपहार तो दे दिया लेकिन अभी तक इसे अमल में नहीं लाए हैं।

परास्नातक में प्रवेश के लिए डब्ल्यूआरएन अनिवार्य है। इसके बिना किसी भी कॉलेज में दाखिला नहीं मिलेगा। छात्र जब डब्ल्यूआरएन जनरेट करने वेबसाइट पर जा रहा है तो सिर्फ वर्ष 2014 तक का ही रिकॉर्ड ले रहा है। मतलब वर्ष 2013 या इससे पहले स्नातक करने वाले अभ्यर्थी संस्थागत छात्र के रूप में परास्नातक में प्रवेश के लिए डब्ल्यूआरएन जनरेट नहीं कर पा रहे हैं। जबकि बैठक के बाद विवि के रजिस्ट्रार डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा था कि यह नियम इसी सत्र से लागू किया जाएगा।
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