24 घंटे पहले बिछा दिया था जाल
एंटी करप्शन टीम ने इस ऑपरेशन के लिए बेहद गोपनीय रणनीति तैयार की थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए 16 सदस्यीय टीम एक दिन पहले ही उरई पहुंच गई थी। टीम के सदस्य सादे कपड़ों में तहसील परिसर और आसपास की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहे थे। जब शिकायतकर्ता किसान अनिल कुमार राजपूत से रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई, तब टीम ने शुक्रवार दोपहर जाल बिछाकर दबिश दी।
कोतवाली में मौजूद पुलिसकर्मी
- फोटो : वीडिओ ग्रैब
10 मिनट तक चला संघर्ष, सिपाहियों से भिड़े कर्मचारी
जैसे ही एंटी करप्शन टीम ने कानूनगो संदीप तिवारी को घूस की रकम के साथ दबोचा, तहसील परिसर में कोहराम मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पकड़ा गया कानूनगो करीब 10 मिनट तक टीम के चंगुल से छूटने के लिए छटपटाता और हाथ-पैर मारता रहा।
इसी बीच वहां मौजूद कुछ लेखपाल और अन्य कर्मचारी कानूनगो के समर्थन में उतर आए और टीम का विरोध करने लगे। इस दौरान एंटी करप्शन टीम के सिपाहियों और तहसील कर्मचारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। माहौल बिगड़ता देख टीम ने पूरी ताकत लगाकर कानूनगो और उसके साथी को काबू में किया और गाड़ी में बिठाकर वहां से निकल गई।