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थाना प्रभारी हत्याकांड: आरोपी महिला सिपाही की पेशी, डिस्चार्ज एप्लीकेशन पर टली सुनवाई, अब अगली तारीख 21 मई

Fri, 15 May 2026 04:35 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Orai News: उरई थाना प्रभारी हत्याकांड की आरोपी महिला सिपाही की पेशी के दौरान डिस्चार्ज अर्जी पर सुनवाई 21 मई तक टल गई है। तहसील परिसर में एंटी करप्शन टीम के साथ धक्का-मुक्की की भी खबर है।
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थाना कोतवाली, उरई - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उरई के थाना परिसर में हुए चर्चित थाना प्रभारी हत्याकांड मामले में जेल में बंद महिला सिपाही की शुक्रवार को जनपद न्यायाधीश न्यायालय में पेशी हुई। इस दौरान आरोपी द्वारा दाखिल डिस्चार्ज एप्लीकेशन पर सुनवाई होनी थी, लेकिन मामले की अगली तारीख 21 मई तय कर दी गई। पेशी के बाद महिला सिपाही को कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस वैन से जिला कारागार वापस भेज दिया गया।

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जानकारी के अनुसार आरोपी महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा को सुबह जिला कारागार से पुलिस वैन के जरिए न्यायालय लाया गया। सेशन कोर्ट में पेशी की कार्रवाई पूरी होने के बाद उसे पुनः जेल भेज दिया गया। गौरतलब है कि अरुण राय निवासी बी-117, आवास विकास कॉलोनी, विकास नगर विस्तार, गोरखपुर, उस समय कुठौंद थाने में तैनात थे।

महिला सिपाही के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था
पांच दिसंबर 2025 की रात थाना परिसर स्थित सरकारी आवास में उनके सिर में गोली लगने से मौत हो गई थी। मामले में मृतक की पत्नी माया राय ने छह दिसंबर को महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद सात दिसंबर को पुलिस ने आरोपी महिला सिपाही को शहर के रोडवेज बस स्टैंड से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

दस बार कोर्ट में हो चुकी है पेशी
पुलिस जांच के बाद महिला सिपाही के खिलाफ हत्या के मामले में 8 मार्च 2026 को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई थी। घटना के करीब पांच माह बीत जाने के बाद भी आरोपी महिला सिपाही को अभी तक जमानत नहीं मिल सकी है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तथा जनपद न्यायाधीश न्यायालय से उसकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। अब तक इस मामले में महिला सिपाही की दस बार कोर्ट में पेशी हो चुकी है।
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सिपाहियों से हुई धक्का-मुक्की

कार्रवाई के दौरान तहसील परिसर में मौजूद कुछ लेखपालों और कर्मचारियों ने विरोध जताया। इस दौरान एंटी करप्शन टीम के सिपाहियों से धक्का-मुक्की भी हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पकड़ा गया कानूनगो करीब 10 मिनट तक छूटने के प्रयास में हाथ-पैर मारता रहा, लेकिन टीम ने उसे काबू में कर लिया।
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