बेटे समेत आठ गवाह कोर्ट में पेश किए
इसमें कहा था कि सुबह विनोद ने फोन करके कहा कि सूरजकली ने फांसी लगा ली है और उसने शव को उतारकर जमीन पर रख दिया है। वह पहुंचा तो सूरजकली जमीन पर मरी पड़ी थी। एडीजीसी ने बताया कि अभियोजन की ओर से मृतका के पिता, चचेरे भाई व आठ साल के बेटे समेत आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने विनोद को दोषी मानकर सजा सुनाई।
पिता की धमकी से डरकर मां के शव से चिपककर सोते रहे बच्चे
एडीजीसी ने बताया कि घटना के चश्मदीद गवाह मासूम ने बताया था कि मां की गला दबाकर हत्या करने के बाद पिता ने उसे भी मारने की धमकी दी थी। इससे वह इतना डर गया था कि अपनी चार साल की छोटी बहन के साथ मां से चिपककर आंखें बंद कर लेटा रहा। पापा बाहर से दरवाजा बंद कर भाग गए थे। थोड़ी देर बाद मामा और नाना ने आकर उन्हें उठाया था, तब उसने उन्हें सारी बात बताई थी।