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उरई: 15 घंटे बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 25 गांवों का संपर्क भी कटा, जगह-जगह जलभराव, दो महिलाएं घायल

Wed, 26 Aug 2026 11:28 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उरई

सार

Orai News: उरई में 15 घंटे की मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। कोंच-मलंगा नाला उफान पर आने से 25 गांवों का संपर्क कट गया है, जबकि कालपी में दीवार गिरने से दो महिलाएं घायल हो गई हैं।
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उरई में 15 घंटे की मूसलाधार बारिश का तांडव - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उरई जिले में मंगलवार शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश बुधवार सुबह तक जारी रही। करीब 15 घंटे की बारिश से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मंगलवार रात आठ से बुधवार सुबह आठ बजे तक 71 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद भी बारिश जारी रहने से आंकड़ा 90 मिमी के पार पहुंच गया। लगातार बारिश से तापमान में करीब पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।

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सिरसा कलार में 25 गांवों का संपर्क कटा
हथना खुर्द के पास कोंच-मलंगा नाला उफान पर आ गया। पुल के करीब एक मीटर ऊपर से पानी बहने के कारण आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। गुपलापुर, हथना खुर्द, हथना बुजुर्ग, मऊ, उध, गधेला, सदूपुरा और नगरी समेत 25 से अधिक गांवों का सिरसा कलार से संपर्क कट गया। छात्रों, व्यापारियों और ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ी। गांवों से सब्जी और दूध की आपूर्ति भी प्रभावित हुई।

पुरानी दीवार गिरी, दो महिलाएं घायल
कालपी के मनीगंज बजरिया में लगातार बारिश के चलते पुराने बंद पड़े मकान की दीवार गिर गई। वहां सब्जी बेच रहीं डिलौलिया, कानपुर देहात निवासी नन्ही और फूलवती मलबे की चपेट में आकर मामूली रूप से घायल हो गईं। सूचना पर महिला पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचीं और दोनों को सीएचसी कालपी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया।

मकान पर गिरी आकाशीय बिजली, सीढ़ियां क्षतिग्रस्त
सिरसा कलार थाना क्षेत्र के पास गिरीश भास्कर के मकान पर आकाशीय बिजली गिरने से सीढ़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। तेज धमाके से आसपास दहशत फैल गई। हादसे के समय परिवार के सदस्य दूसरे कमरे में थे, जिससे जनहानि टल गई।
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खेतों में भरा पानी, तिल की फसल पर संकट
लगातार बारिश से कई खेत जलमग्न हो गए हैं। धान की फसल के लिए पानी उपयोगी होने के बावजूद अधिक बारिश से तिल की फसल को नुकसान की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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