उत्तर प्रदेश के औरैया में लगभग ढाई महीने बाद एहतियात के साथ जिले की सीएचसी और पीएचसी में ओपीडी शुरू हुई तो मरीज भी पहुंचे। सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए इलाज कराया। सहायल पीएचसी में दो माह से डॉक्टर नहीं है, यहां फार्मासिस्ट ने दवाइयां दीं। बिधूना की बेला पीएचसी आदेश के इंतजार में खुली ही नहीं।
अछल्दा सीएचसी में पहुंचे 50 मरीज
औरैया में अछल्दा सीएचसी की ओपीडी में डॉ. सिद्धार्थ वर्मा ने मरीजों का इलाज किया। बताया कि दोपहर तक ओपीडी में लगभग 50 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इसमें एक्सीडेंट व टीबीसे संबंधित मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों की थर्मल स्क्रीनिंग भी की जा रही है।
पर्ची बनवाने से पहले करानी होगी स्क्रीनिंग
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अजीतमल की ओपीडी कक्षों में सुबह ही सैनिटाइजेशन कराया गया। पर्ची बनवाने से पहले सभी की स्क्रीनिंग भी हुई। डॉ. सोमदत्त एवं डॉ. दिलीप जोशी ने बताया कि बुखार और खांसी से जुड़े मरीज ज्यादा आए। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विमल ने बताया कि सोशल डिस्टेंस का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
डॉक्टर के न आने से भटकते रहे मरीज
सहायल में पीएचसी फार्मासिस्ट प्रवेश त्रिवेदी ने मरीजों को चेक कर दवा दी। यहां कुल 15 मरीज आए। सबसे ज्यादा मरीजों को स्किन की समस्या थी। यहां डॉ. रश्मी गौतम की तैनाती है। वह दो माह से अस्पताल से नदारद हैं। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉॅ. राकेश सचान ने बताया कि कई बार डॉक्टर को अस्पताल में आने के लिए कहा गया है ,लेकिन वो नहीं आ रही हैं। इस संबंध में सीएमओ को लिखित सूचना दे दी है।
बेला में नहीं खुली ओपीडी
बिधूना ब्लॉक के बेला पीएचसी में ओपीडी नहीं खुली। डॉॅ. सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि अभी तक उनके पास कोई आदेश नहीं आया है। आदेश आने पर ओपीडी शुरू कर दी जाएगी।
ओपीडी में इन बातों का रखें ख्याल
- सीएचसी, पीएचसी एवं निजी अस्पताल में आने वाला हर व्यक्ति इंफ्रारेड थर्मामीटर से
स्क्रीनिंग कराए। - एक रोगी के साथ एक ही तीमारदार आएगा। तीमारदार 60 साल से
अधिक उम्र के लोग, बच्चे, व गर्भवती महिलाएं नहीं होंगे।
- तीमारदार और मरीज को मास्क लगाकर ही आना होगा, वर्ना प्रवेश नहीं मिलेगा।
- शुगर और ब्लड प्रेशर के मरीज एक माह की दवाएं लें ताकि बार-बार अस्पताल न आना पड़े।
- जुकाम, खांसी, बुखार के अलावा सांस के रोगियों के लिए अलग से जांच अथवा उपचार होगा।