कानपुर। महानगर में संचालित सात साै से अधिक प्राइवेट अस्पतालों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जो टीम बनाई है, उसमें सिर्फ दाे अधिकारी और चार पुलिस वाले रखे गए है। पिछले कुछ दिनों में हुई घटनाओं को देखने के बावजूद जांच अभियान के नाम पर खानापूरी की जा रही है। शुक्रवार को भी यही हाल रहा। जहां चकेरी के नौ अस्पतालों में जांच के नाम पर की गई, जहां संचालित अवैध अस्पतालों में टीम को एक भी अस्पताल नहीं मिला और नोटिस देकर टीम चली आई।
एसीएमओ व नोडल अधिकारी नर्सिंग होम डॉ. रमित रस्तोगी पुलिस के साथ रामादेवी स्थित चिकित्सालयों का निरीक्षण करने गए। यहां मॉडर्न ऑर्थो हॉस्पिटल और मोहिनी हॉस्पिटल में डॉक्टर मौके पर नहीं मिले। इसके अलावा वे सूर्य हॉस्पिटल गए जहां आईसीयू के स्टाफ अपनी यूनिफॉर्म नहीं पहने थे, जिस पर तीनों अस्पतालों को नोटिस दिया गया और तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया। इसके बाद लक्ष्मी हॉस्पिटल व बेबी केयर हॉस्पिटल पहुंचे, जहां रोगियों का इलाज हो रहा था। बताया गया कि संचालक ने पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया हुआ था। बाकी चार अस्पतालों में सबकुछ ठीक मिला। वहीं बीते दिनों कल्याणपुर के पांच से छह अस्पतालों को भी एसीएमओ ने नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा था, जो अभी तक नहीं मिला है। इस मामले में सीएमओ का कहना है कि वे शनिवार को जांच टीम में मजिस्ट्रेट ड्यूटी को लेकर जिलाधिकारी से बात करेंगे।