कानपुर-इटावा हाईवे पर सोमवार सुबह साढे़ पांच बजे उझियानी गांव के पास तेल से भरा टैंकर पलटने से करीब सात घंटे तक एक लाइन पर यातायात ठप रहा। वाहनों को उझियानी गांव के अंदर से निकाला गया। पुलिस और हाईवे ऑथारिटी ने टैंकर हटवाने के साथ सड़क से तेल साफ करवाकर 12:30 बजे यातायात बहाल कराया।
औरैया जिले अजीतमल क्षेत्र शेखूपुर निवासी अंकित पांडेय पुत्र हरिओम पांडेय तेल का टैंकर लेकर कोलकाता से ग्वालियर जा रहा था। इटावा कानपुर हाईवे पर सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे बकेवर थाना क्षेत्र में उझियानी गांव के पास वाहन को बचाने के प्रयास में टैंकर पलट गया। हाईवे पर तेल फैलने से यातायात बाधित हो गया। आसपास गांव के लोग बाल्टियां और डिब्बों लेकर हाईवे पर पहुंचे और तेल भरकर ले गए।
सूचना मिलने पर चौकी इंचार्ज राकेश पटेल सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंचे और उझियानी गांव के पास फ्लाईओवर पर बैरियर लगाकर यातायात रोक दिया। वाहनों को उझियानी गांव के अंदर से निकाला गया। पुलिस ने जेसीबी की मदद से टैंकर को किनारे कराया। इसके बाद हाईवे ऑथॉरिटी के लोगों ने सड़क से तेल साफ किया।
दोपहर करीब 12:30 बजे हाईवे पर यातायात बहाल कर दिया गया। चालक अंकित ने बताया कि टैंकर के आगे ट्रक चल रहा था, इसी बीच दूसरी साइड से दूसरा वाहन आ गया। उस वाहन को बचाने में ब्रेक लगाया, जिससे टैंकर पलट गया था। टैंकर में 40 टन चावल की भूसी का तेल भरा था।
भूसी का तेल शुगर मरीजों के लिए नुकसानदायक
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसएस भदौरिया ने बताया कि धान की भूसे के तेल कार्बोहाईड्रेट की मात्रा अधिक रहती है। इस कारण ये तेल शुगर के मरीजों के लिए नुकसानदायक है। अन्य लोग इस तेल का प्रयोग खाने में कर सकते हैं।