कानपुर। महाराजपुर में जहरीले क्रोमियम युक्त कचरे ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र में कई जगह यह कचरा फैला पड़ा है। रोज हो रही बारिश से कचरा पैर पसारता जा रहा है पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अफसर हेड क्वार्टर के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अजीत कुमार सुमन ने बताया कि क्रोमियम युक्त कचरा मिलने की रिपोर्ट हेडक्वार्टर में कर दी है। बाकी जो निर्देश मिलेंगे तो ही हम कोई कार्रवाई करेंगे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित विभागों ने अभी तक इन नए डंपिंग स्थलों की कोई सुध नहीं ली है। कचरा कितना जहरीला है और इससे आसपास की मिट्टी व भूजल में किस हद तक जहर घुल चुका है, इसकी जांच के लिए अभी तक सैंपलिंग की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई है। लोगों का बारिश में यह जहरीला कचरा रिसकर जमीन के अंदर जा रहा है जिससे भविष्य में बड़े जल संकट और बीमारी का खतरा मंडरा रहा है।
अभी तक नहीं जांची गई किसी की सेहत
क्रोमियम वेस्ट से आसपास के वातावरण और पेयजल पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। क्रोमियम युक्त पानी और हवा के संपर्क में आने से चर्म रोग, सांस की तकलीफ और गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की स्वास्थ्य जांच कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि अभी हमारे पास कोई फंड नहीं है। जैसे ही आएगा, हम जांचें शुरू करेंगे। क्षेत्रीय अधिकारी अजीत कुमार सुमन ने बताया कि स्वास्थ्य जांच को लेकर हम कुछ नहीं कर सकते हैं।
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आदर्श व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने सीएम-पीएम को लिखा पत्र
कानपुर। क्रोमियम कचरे को लेकर उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी सहित मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा है। इसमें बताया है कि क्रोमियम युक्त औद्योगिक कचरे की आशंका ने पूरे गांव को चिंता में डाल दिया है। जिला महामंत्री रजत पांडेय ने बताया कि 26 मई को भी बच्चों में हो रही खुजली और त्वचा संबंधी बढ़ती परेशानियों को लेकर पत्र भेजा गया था। यहां दूषित पानी का टीडीएस करीब 870 है। इसलिए पुरवामीर के पेयजल के नमूनों की जांच की जाए। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। अध्यक्ष महेश वर्मा ने बताया कि पुरवामीर में रहने वाले चार अनाथ बच्चों की जिम्मेदारी हमने उठाई है। ये चारों बीमार हैं।