बीज, पेस्टीसाइड और फर्टिलाइजर कारोबार करने के लिए कृषि स्नातक होने की अनिवार्यता के विरोध में इससे जुड़े व्यापारियों ने बाजार बंद रखकर विरोध जताया।
गांधी प्रतिमा फूलबाग में धरना प्रदर्शन किया और मांगों से संबंधित प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसीएम विनीत सिंह को सौंपा। इस दौरान कानपुर शहर और कानपुर देहात में करीब चार हजार दुकानें बंद रहीं।
सीड्स एंड पेस्टीसाइड ट्रेडर्स एसोसिएशन की अगुवाई में बादशाही नाका, रावतपुर, नौबस्ता, रामादेवी, चौबेपुर, शिवराजपुर, बिल्हौर, उत्तरीपुरा, अरौल, शिवली आदि के व्यापारी गांधी प्रतिमा पर एकजुट हुए। एसोसिएशन के महामंत्री अतुल त्रिपाठी ने कहा कि कृषि स्नातक अनिवार्यता के साथ लाइसेंस शुल्क में भी वृद्धि कर दी गई है।
सरकार के इस फैसले से कानपुर के करीब चार हजार युवा बेरोजगार हो जाएंगे। धरना स्थल पर पहुंचे अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री ज्ञानेश मिश्रा ने कहा यह कानून बनाने वाले कई मंत्री तो स्नातक भी नहीं हैं।
इसलिए उन्हें इस तरह का कानून बनाने का हक नहीं है। विरोध प्रदर्शन में अध्यक्ष विजय कुशवाहा, सुधीर पुरवार, सन्नी ओमर आदि शामिल रहे।
आज बंद रहेगा सर्राफा बाजार
कानपुर (ब्यूरो)। दो लाख रुपये की खरीद-बिक्री पर पैन अनिवार्यता के विरोध में 10 फरवरी को महानगर के सभी सर्राफा बाजार बंद रहेंगे। बंदी को सफल बनाने के लिए मंगलवार को सर्राफा कारोबारियों ने शहर के प्रमुख बाजारों में घूमकर दुकानें शोरूम बंद रखने का आह्वान किया।
उत्तर प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन के मंत्री रामकिशोर मिश्रा ने बताया कि बंदी को सफल बनाने के लिए शहर के बाजारों में भ्रमण करने के लिए तीन टीमें बनाई गई थीं।
इसमें नयागंज से हर्षित बाजपेयी, रवि गुप्ता, बिरहाना रोड से गोपाल अग्रवाल, पप्पू वर्मा और चौक से राजिंदर मिश्रा, नीरज दीक्षित, कैलाश अग्रवाल आदि सर्राफा कारोबारियों ने नवाबगंज, ग्वालटोली, कल्याणपुर, गोविंदनगर, गुमटी, लाल बंगला समेत अन्य बाजारों का भ्रमण किया। इस दैरान सभी से अपील की गई कि वे बंदी को सफल बनाने के लिए अपने प्रतिष्ठान बंद रखें।