फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तोप-टैंक के गोले बनाने में आत्म निर्भर होगी ओएफसी, गोला निर्माण की क्षमता भी होगी दो गुने से अधिक

Fri, 17 Jan 2020 12:32 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
कानपुर में बनी शारंग तोप
विज्ञापन
आयुध निर्माणी कानपुर (ओएफसी) आगामी वर्षों में सभी प्रकार की तोपों व टैंकों (105एमएम-155एमएम कैलीबर) के गोले (एम्युनिशन हार्डवेयर शेल) बनाने में पूरी तरह से आत्म निर्भर होगी। गोला निर्माण की क्षमता भी दो गुने से अधिक हो जाएगी। अभी कई निर्माणियों के सहयोग से गोला बनाया जाता है।
विज्ञापन


रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को निर्माणी में 100 करोड़ की लागत से 1000 टन क्षमता के फोर्जिंग प्रेस प्लांट बनाने की अनुमति दी है। जल्द ही इस प्लांट के लिए ग्लोबल टेंडर निकलेंगे। इस प्रकार के प्लांट ऑस्ट्रिया, चेकोस्लोवाकिया, रूस, कोरिया आदि क ी कंपनियां बनाती हैं। इससे निर्माणी में बने उत्पाद प्रतिस्पर्धी होंगे, निर्यात बढ़ेगा और लागत भी कम होगी।

बीते 11 साल से निर्माणी में इस प्लांट के लिए प्रयास किए जा रहे थे। निर्माणी में आयोजित पत्रकार वार्ता में महाप्रबंधक एएन श्रीवास्तव ने बताया कि निर्माणी में जो फोर्जिंग प्रेस प्लांट है, वह 1984 में स्थापित किया गया था। जब तक नया प्लांट नहीं लग जाता है, तब तक इससे काम लिया जाएगा। पुराने प्लांट की क्षमता 400 टन है। इससे 105 एमएम-130 एमएम कैलीबर तोपों के गोले तैयार होते हैं।
विज्ञापन


 जबकि नये प्लांट में 155 कैलीबर तोप आदि के गोले बनेंगे। इसके अलावा सेनाओं की मदद के लिए बनने वाले स्मग (धुआं), एल्युमिनिशन (रोशनी) फेंकने वाले तथा हाई एक्सप्लोसिव (एचई) गोले भी बनने लगेंगे। उन्होंने बताया कि नये प्लांट से 3 से 3.5 लाख गोले प्रतिवर्ष बनने की क्षमता होगी। वार्ता के दौरान अपर महाप्रबंधक एमके शर्मा, संयुक्त महाप्रबंधक ऋतुराज द्विवेदी, विनय अवस्थी मौजूद रहे।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें