कानपुर के चकेरी में अगवा करके चार दिन से बंधक बनाकर रखी गई किशोरी को गुरुवार को पुलिस ने बरामद किया। अपहरण करने वाला युवक फरार है। पुलिस की टीम आरोपी की तलाश में जुटी है। किशोरी ने पुलिस को बताया कि खिड़की से आवाज लगाकर राहगीर का फोन मांग जान बचाने के लिए 112 नंबर पर कॉल किया था।
चिश्तीनगर सनिगवां निवासी शमशाद किराए का डाला चलाता है। चार दिन पहले उसने डाला मालिक की 17 साल की बेटी का अपहरण कर लिया था। घरवाले थाने पहुंचे तो शुरूआती छानबीन में पुलिस ने प्रेम प्रसंग की आशंका जताई। लेकिन रिपोर्ट दर्ज करने के दो दिन बाद भी किशोरी और आरोपी का पता नहीं चला तो अपहरण का शक गहराने लगा।
इसपर पुलिस ने सरगर्मी से दोनों की तलाश शुरू कर दी। गुरूवार दोपहर किशोरी ने 112 नंबर पर कॉल करके बताया कि उसे जाजमऊ में किसी मकान के कमरे में बंद करके रखा गया है। जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और लोकेशन पता करते हुए उस मकान तक पहुंची जहां किशोरी कैद थी। थाने लाकर हुई पूछताछ में किशोरी ने बताया कि अगवा करकेशमशाद उसे जाजमऊ ले गया। यहां कमरे में उसे कैद करके उसी दिन फरार हो गया। जाते हुए उसने धमकी दी कि शोर मचाने पर गला काटकर हत्या कर देगा।
भूख-प्यास से तड़प बढ़ी तो लगाई आवाज
किशोरी ने पुलिस को बताया कि शमशाद की धमकियों से इतनी डर गई थी कि तीन दिन तक खामोश रही। भूखी-प्यासी किशोरी जान जाने के डर से आसपास के लोगों की आवाजें सुनकर भी मदद नहीं मांग रही थी। लेकिन गुरुवार को वह भूख से बेहाल हुई तो हिम्मत जुटाकर खिड़की से बाहर झाका तो बाइक सवार युवक दिखा। उसका फोन मांगकर किशोरी ने 112 नंबर पर कॉल किया। मामले की जांच कर रहे दरोगा रामसिंह ने बताया कि शमशाद की तलाश की जा रही है।