गर्भवती के जेठ व शिकायतकर्ता चंद्र प्रकाश
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बांदा जिले के अतर्रा कस्बे की सीएसची में गर्भवती का प्रसव कराने के नाम पर दो हजार रुपये वसूली का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर उगाही का वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मामले में गर्भवती के परिजनों ने सूबे के डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक को शिकायत भेजकर जांच कराने की मांग की है।
तहसील क्षेत्र के अंश निरंजन पुरवा के रहने वाले सुरेश कुमार की पत्नी कुंती देवी को शुक्रवार की देर रात प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। देर रात अचानक प्रसव पीड़ा होने पर ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स ने डिलीवरी कराने से हाथ खड़े कर दिये। नर्स ने मौके पर मौजूद प्रसव पीड़िता की सास से कहा कि बच्चा पेट में फंस गया है।
अब प्रसव कराने में दिक्कत अधिक आएगी। परिजनों ने आरोप लगाया कि नर्स ने कहा कि दो हजार रुपया लाओ, नहीं तो तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर देंगे। जच्चा और बच्चा की जान बचाने के लिए गरीब परिजन नर्स के सामने करीब 30 मिनट तक गिड़गिड़ाते रहे। कहीं से मांग कर एक हजार रुपये लाए तो नर्स में डिलीवरी कराई।
शनिवार को सोशल मीडिया पर वसूली का वीडियो वायरल होने पर महिला के जेठ चंद्रप्रकाश व पति सुरेश कुमार ने धन उगाही करने वाली नर्स की करतूत बताई। बताया कि उनकी मां बिटोला से डिलीवरी के लिए नर्स ने दो हजार रुपये मांगे थे। कर्ज लेकर एक हजार रुपये सुविधा शुल्क के नाम पर दिये हैं।
इसके अलावा बाहर से 350 रुपये की दवाइयां लाकर नर्स को दिया। चंद्रप्रकाश ने कहा कि वह डिप्टी सीएम को पत्र भेजकर जांच करवाने की मांग करेंगे। वहीं सीएचसी प्रभारी अधीक्षक डॉ. अजय विश्वकर्मा ने कहा कि तहरीर मिलते ही रुपए लेने वाली नर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।