छत्रपति शाहू जी महाराज विवि में डिग्रियों के फर्जीवाड़ा के खेल को रोकने के लिए विवि प्रशासन ने नकेल कस ली है। विवि प्रशासन ने इस साल से 2.51 लाख डिग्रियों में सिक्योरिटी फीचर लागू कर दिया है। इससे फर्जीवाड़ा रुकेगा ही, साथ ही विवि की वेबसाइट से ही डिग्री सत्यापन हो सकेगा।
इससे छात्रों को विवि के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विवि से संबद्ध कॉलेजों में डिग्री का फर्जीवाड़ा चल रहा है। एक ही नाम से दो डिग्रियों का सत्यापन के लिए आना, डिग्री का फर्जी मिलना जैसी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
सत्यापन के नाम पर भी विवि का काफी समय खराब होता है। ऐसे में डिग्री में सिक्योरिटी फीचर लागू किया गया है। इसमें कोड के माध्यम से डिग्रियों को सुरक्षित किया गया है। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के निर्देशन में हुए इस बदलाव की वजह से डिजिटल डिग्री में किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी।