फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारी प्रदूषण में भी सांस लेने में नहीं होगी दिक्कत, आईआईटी कानपुर ने तैयार किया 'स्पेशल मास्क'

Thu, 10 Jan 2019 01:38 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
डेमो पिक
विज्ञापन
आईआईटी कानपुर के डॉ. संदीप पाटिल की देखरेख में छात्रों ने एक मास्क तैयार किया है। चार लेयर में बने इस मास्क में नैनो फाइबर टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया गया है। इस मास्क को पहनने से सांस लेने में कोई परेशानी नहीं होती है।
विज्ञापन


काफी देर पहने रहने के बाद यह अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है कि मास्क पहना है या नहीं। इस मास्क की कीमत 50-60 रुपए रखी गई है, जबकि बाजार में इसकी कीमत 50-100 रुपये है।

डॉ. संदीप बताते हैं कि यह करीब एक माह तक प्रभावी होगा। इस मास्क में लगे नैनो फाइबर हवा में मिले पीएम 2.5, पीएम 10 समेत नैनो पार्टिकल भी सोख लेगा। हवा में मौजूद गैस के साथ छोटे-छोटे बैक्टीरिया भी मास्क को पार नहीं कर सकेंगे। इस मास्क का नाम ‘स्वासा’ रखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डेमो पिक
बगैर प्रदूषण के चलेंगी गाड़ियां, कार्बन कटर तैयार
पी ग्रीन टेक सॉल्यूशन कंपनी के फाउंडर इरफान पठान भी आईआईटी पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण गाड़ियों से निकलने वाला धुआं है। अगर गाड़ियों से निकलने वाले धुएं से जहरीले कणों को अलग कर दिया जाए, तो प्रदूषण कम किया जा सकता है।

इसी को देखते हुए उनकी कंपनी ने एक कार्बन कटर मशीन बनाई है, जिसे गाड़ियों के साइलेंसर के पास लगाया जाता है। मशीन के जरिए गाड़ियों से निकलने वाले धुएं से पीएम 2.5, पीएम 10 और कार्बनिक कणों को अलग किया जा सकता है।

ये कण धुएं से अलग होकर पाउडर के रूप में जमा हो जाते हैं, जिसे बाद में निकाल कर उसका प्रयोग स्याही और डाई के रूप में किया जा सकता है। इस मशीन से नैनो पार्टिकल तक अलग किए जा सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें