इस संपत्ति पर एनसीएलटी कोर्ट का स्टे ऑर्डर भी है। जॉन अगस्टीन ने बताया कि उन्होंने एक पीआईएल संख्या 1523 सन 2000 में दाखिल की थी। प्रयागराज उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच ने सात अप्रैल 2004 को आदेश किया। इसे लेकर शासनादेश भी जारी हुआ। उसमें कहा गया था कि रिकार्ड मैनुअल तथा नजूल मैनुअल के अंतर्गत क्रिश्चियन मिशनरियों, चर्च, कब्रिस्तानों एवं इस आशय की दर्ज जमीनों को किसी भी व्यक्ति द्वारा बेचने, खरीदने, बंधक करने तथा पट्टा करने का अधिकार नहीं होगा। उसके बाद भी भू माफियाओं ने जमीन की खरीद फरोख्त की।