विश्व हिंदू परिषद का हित चिंतन कार्यक्रम भी नोट बंदी का शिकार हो गया। कानपुर में यह कार्यक्रम वैसे तो 15 दिन के लिए था लेकिन परिषद के सदस्य अपने नोट बदलवाने में ही व्यस्त रहे। इस कार्यक्रम में विहिप सदस्य बनाती है। हर सदस्य के लिए 20 रुपये सदस्यता शुल्क भी लिया जाता है।
इस बार महानगर में यह लक्ष्य 50 हजार का है। अभी तक करीब 20 हजार सदस्य ही बन पाए हैं। देश भर में 51 लाख सदस्य बनाने की का लक्ष्य रखा गया है। महानगर में संगठन ने चार जिले बनाए हैं, इन सभी जिलों में सदस्य बनाने की 200 टोलियों का गठन किया गया है। हर टोली में तीन से चार सदस्य रखे गए हैं। अभी तक यह टोली प्रत्येक घर से एक या दो लोगों को हित चिंतक बनाती है।
नवंबर तक ही यह कार्यक्रम चलाने की तैयारी थी, लेकिन अब इसे दिसंबर तक चलाने की योजना बनाई जा रही है। आखिरी तारीख कौन से होगी अभी राष्ट्रीय इकाई से तय नहीं हो पाया है। संगठन के विभाग मंत्री दीनदयाल गौड़ ने बताया कि शुरू में जब नोट बंदी का आदेश जारी हुआ था तो इस कार्यक्रम पर भी थोड़ा असर पड़ा था। इसी तरह रेल हादसा होने की वजह से यह अभियान धीमा हो गया था। अब व्यवस्था ठीक होने से इसे फिर से तेज किया जा रहा है।