मलसियां (जालंध्ार) से स्पेश्ाल ट्रेन रवाना करते परिवहन मंत्री अजीत सिंह कोहाड़।
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कानपुर। अब कानपुर सेंट्रल से अनवरगंज स्टेशन के रास्ते आने जाने वाली 44 ट्रेनों के यात्रियों को आउटर पर काफी देर तक नहीं रुकना होगा। अनवरगंज स्टेशन को पूर्वोत्तर के लखनऊ मंडल से हटाकर उत्तर मध्य रेलवे के इलाहाबाद से जोड़ने से ट्रेनों के संचालन में आसानी होगी। अभी चौरी-चौरा, फैजाबाद-अनवरगंज इंटरसिटी, कालिंदी और मेमू समेत 44 ट्रेनों को अनवरगंज स्टेशन खाली न होने की बात कहकर सेंट्रल पर रोक दिया जाता था। सेंट्रल के प्लेटफार्म भरे होने से अधिकांश ट्रेनों को आउटर पर रुकना पड़ता था। अब इन समस्याओं से यात्रियों को निजात मिलेगी।
इसके अलावा कोपरगंज के गुड्स शेड के एनसीआर में शामिल होने से व्यापारियों को फायदा मिलेगा। इस फैसले से सीपीसी माल गोदाम का दायरा कोपरगंज गुड्स शेड तक बढ़ेगा। एनसीआर यहां पर प्लेटफार्म बढ़ा सकेगा और मालगाड़ी से आने वाले माल की लोडिंग-अनलोडिंग में व्यापारियों को सुविधा होगी। कोपरगंज के टीन शेड का इस्तेमाल कर अनाज और व्यापारियों के माल को भीगने से बचाया जा सकेगा। अभी तक सीपीसी माल गोदाम का क्षेत्रफल कम होने से अक्सर वहां माल बर्बाद हो जाता है। सेंट्रल पर यात्रियों के लिए रिटायरिंग रूम कम हैं। अब एनसीआर अपने यात्रियों के लिए अनवरगंज में बने स्टेशनों के रिटायरिंग रूम की सुविधा दे सकेगा। साथ ही अनवरगंज स्टेशन से आने और जाने वाली ट्रेनों के लिए सेंट्रल की वाशिंग लाइन का उपयोग हो सकेगा। इससे इन यात्रियों को ट्रेनों में बेहतर सफाई मिलेगी।
अब कानपुर के दोनों छोर पर अलग अलग मंडल के स्टेशन के बीच ट्रेनों के संचालन में आसानी होगी। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल का काम अब कानपुर से खत्म हो गया है। एक छोर पर शुक्लागंज में उत्तर रेलवे का लखनऊ मंडल लगेगा और रावतपुर स्टेशन पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल में लगेगा।