रनियां। जिले में बिना पंजीकरण के नर्सिंगहोमों का संचालन किया जा रहा है। इन हॉस्पिटलों में चिकित्सकों व स्टाफ की तैनाती में भी मानकों की अनदेखी की जा रही है। कुछ ऐसा ही खानचंद्रपुर चौराहे के पास संचालित एक हॉस्पिटल में देखने को मिला।
हास्पिटल संचालक की ओर से अब तक न तो सीएमओ दफ्तर में रजिस्ट्रेशन कराया गया और न ही फायर और प्रदूषण बोर्ड की एनओसी ली गई है। जबकि 16 जुलाई को हॉस्पिटल का शुभारंभ हो चुका है। यहां मरीजों का उपचार भी शुरू कर दिया गया है।
कहीं पर भी हॉस्पिटल संचालित करने के लिए सीएमओ कार्यालय में रजिस्टेशन करना और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा फायर विभाग की एनओसी लेना जरूरी होता है। लेकिन रनियां में कुछ ऐसे भी हॉस्पिटल है जो बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हैं। नगर पंचायत रनियां के खानचंद्रपुर चौराहे के पास कुछ ही दिन पहले लक्ष्य हॉस्पिटल एवं सर्जिकल सेंटर खुला है।
पिछले शुक्रवार को हॉस्पिटल का शुभारंभ किया गया। हॉस्पिटल किराए के भवन में संचालित है। यहां लगभग दस बेड पड़े हैं। अस्पताल का अब तक सीएमओ आफिस में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है। यहां किसी भी डॉक्टर व स्टाफ की तैनाती नहीं है।
हॉस्पिटल संचालक अमित पाल ने बताया कि रजिस्ट्रेशन और फायर विभाग व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी आवेदन के लिए फाइल तैयार कर ली गई है। बस फाइल जमा करने सीएमओ कार्यालय, फायर स्टेशन व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय जाना है।
खानंचद्रपुर में खुले नये हास्पिटल के रजिस्ट्रेशन के लिए कोई आवेदन नहीं किया गया है। बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल का संचालन करना गलत है। मौके पर टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। - डॉ एपी वर्मा डिप्टी सीएमओ।