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बनीपारा दनू गांव में नहीं आबादी, बचे सिर्फ अवशेष

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रूरा। गांव का नाम सुनने के बाद उसमें रहने वालों और वहां के विकास की बात होने लगती है। अलबत्ता डेरापुर तहसील का बनीपारा दनू गांव ऐसा है जहां न तो कोई निवास करता है और न ही शासन प्रशासन की विकास योजनाएं पहुंच सकी हैं। गांव का नाम सरकारी अभिलेखों में दर्ज है। कभी इस गांव में लोग निवास करते थे, हालांकि अब यहां आबादी नहीं है। गांव में कच्चे घरों की मिट्टी से बने टीले और घास फूस ही दिखाई देती है।
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जमींदारी उन्मूलन अधिनियम लागू होने के बाद अभिलेखों में राजस्व गांव व परगना का गठन किया गया। गांव के गठन के समय जमीनी हकीकत को देखते हुए ऐसे राजस्व गांव भी अस्तित्व में आए जहां रहने वाला कोई नहीं था। दूरी व मानक को देखते हुए गांवों को नाम तो मिल गया, लेकिन अब वहां रहने वाला कोई नहीं है। डेरापुर तहसील के बनीपारा दनू गांव की भी यही स्थित है।
वर्तमान में यह गांव बनीपारा डगराहा ग्राम पंचायत का मजरा है। यहां खेती हो रही है। बताते हैं कि वर्षों पूर्व बनीपारा दनू गांव में कुछ लोग रहते भी थे। किसी बात को लेकर गांव में दो पक्षों में तनाव बढ़ा। इसके बाद हिंसा होने पर लोग परिवारीजनों सहित घर व गांव छोड़कर चले गए। अब यहां केवल कच्चे घरों के गिरने से मिट्टी के टीले नजर आते हैं।
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बोले लोग, खेरा सहेजे है यादें
अजईपुर गांव के चतुर्भुज त्रिपाठी ने बताया कि उनके पूर्वज बनीपारा दनू गांव में रहते थे। बुजुर्ग बताते थे कि करीब सौ वर्ष पूर्व वहां हिंसा में खूनखराबा होने पर लोग दूसरे गांवों को कूच कर गए। इससे गांव में रहने वाला कोई नहीं बचा था। अब खेरा (कच्चे मकानों की ध्वस्त बस्ती) ही उनकी यादे सहेजे है।
वहीं जजमुइया निवासी जिला पंचायत सदस्य बउवा त्रिवेदी ने बताया कि डेरापुर तहसील के राजस्व ग्राम संख्या 149096 में बनीपारा दनू गांव दर्ज है। खाता संख्या 00129 में एक तालाब समेत खेरा अंकित है। गांव में कोई रहता नहीं है। गांव के निवासी आसपास के गांव में रहते हैं जो खेती किसानी करने आते रहते हैं। (संवाद)
पड़ोसी गांवों के किसान कर रहे बनीपारा दनू में खेती
रूरा। गैर आबाद गांव बनीपारा दनू में 25 हेक्टेयर कृषि भूमि है। यहां पड़ोसी गांवों के किसान खेती करते हैं। इन किसानों के पूर्वज कभी बनीपारा दनू गांव में रहा करते थे। जानकारों के अनुसार बनीपारा दनू गांव में करीब सवा सौ किसानों की कृषि भूमि है।
गांव के पूर्वजों के वंशज अब अजयपुर, बनीपारा महाराज, बनीपारा डगराहा, व बनीपारा जौहर आदि गांवों में रह रहे हैं। यही लोग खेती करने गांव जाते हैं। लेखपाल संतोष कुमार ने बताया कि बनीपारा दनू गांव में लगभग 25 हेक्टेयर भूमि राजस्व अभिलेखों में दर्ज है।
गैर आबादी वाले गांवों को राजस्व विभाग में गैर चिरागी गांव कहा जाता है। राजस्व रिकार्ड में तो यह गांव दर्ज हैं, लेकिन वहां कोई आबादी नहीं है। इन गांवों के वीरान होने का कोई तथ्य नहीं है। - लाल सिंह यादव (तहसीलदार डेरापुर)
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