कानपुर में दीपावली के अगले दिन से आईआईटी के आसपास दहशत का कारण बना तेंदुआ वन विभाग के हाथ नहीं आ रहा है। लाख प्रयासों के बावजूद पकड़ में न आने के बाद वन विभाग ने अब पैदल गश्त की बजाय आईआईटी कैंपस में हाइड आउट बनाया है, जहां पूरी रात घात लगाकर तेंदुए का इंतजार किया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि तेंदुआ उस क्षेत्र में बार-बार आ रहा है।
ऐसे में उसे पीछा कर पकड़ने की बजाय एक ही जगह से घात लगाकर ट्रैंकुलाइज कर पकड़ा जाएगा। दरअसल, शनिवार को विभाग ने पंजों के निशान के आधार पर तेंदुए के आईआईटी से राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई) के जंगल पहुंचने की बात कही थी, लेकिन रात में तेंदुए की आईआईटी से लेकर एनएसआई के बीच कई बार गतिविधि नोट की गई। आईआईटी में शनिवार रात तीन बार तेंदुआ दिखाई दिया।
वन विभाग की टीम को वह केंद्रीय विद्यालय के पास दिखा जिसके बाद उसका पीछा किया गया लेकिन वह जंगल में गायब हो गया। विभाग के अधिकारियों का मानना है कि लोगों से लगातार आमना सामना होने की वजह से तेंदुआ एक जगह नहीं रुक रहा बल्कि आईआईटी से नारामऊ के बीच घूम रहा है। इसी वजह से अब लोगों से तेंदुए का पीछा न करने को कहा गया है।
डीएफओ श्रद्धा यादव ने कहा कि लगातार पीछा किए जाने और लोगों की मौजूदगी की वजह से तेंदुआ एक से दूसरे स्थान पर भाग रहा है। इस वजह से उसे पकड़ना मुश्किल हो रहा है। आईआईटी में एक इलाका चिह्नित किया गया है, जहां पर उसके बार-बार आने की जानकारी मिली है। इसीलिए अब वहां पर टीम को तैनात किया जा रहा है और उम्मीद है कि अगर वह रात में वहां आया तो उसे पकड़ लिया जाएगा।
लोगों से अपील, न करें तेंदुए का पीछा
डीएफओ ने कहा कि वन अधिकारियों के जरिये आईआईटी और एनएसआई के कर्मचारियों व स्थानीय निवासियों से तेंदुए का पीछा न करने के लिए अपील की है। कोशिश की जा रही है कि तेंदुए को एकांत में छोड़ दें ताकि वह किसी एक जगह पर आराम से रुक जाए। इससे ऑपरेशन चलाकर उसे पकड़ने में आसानी होगी। उन्होंने एक से ज्यादा तेंदुए होने की अफवाह पर लोगों को ध्यान न देेने के लिए भी कहा।
दिनभर ड्रोन से की गई गश्त
पिछले कई दिनों से जंगल में कांबिंग के बावजूद सफलता न मिलने के बाद रविवार को वन विभाग ने सिर्फ ड्रोन के जरिये ही इलाके की निगरानी की। कुछ जगहों पर जहां टीम को तेंदुए के होने का संदेह हुआ वहां पर छानबीन की गई। डीएफओ ने कहा कि फिलहाल उसके आईआईटी में बार-बार आने की बात सामने आ रही है। ऐसे में ड्रोन और सीसीटीवी व विभाग के थर्मल सेंसर वाले कैमरों के जरिये पूरे कैंपस में नजर रखी जा रही है।