केंद्र सरकार के 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज में आम आदमी को टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (टीडीएस) और टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (टीसीएस) में 25 फीसदी की जो छूट दी गई है, वह नौकरी पेशा वर्ग के लिए ठेंगा दिखाने जैसी है। कर सलाहकारों का कहना है कि इसका फायदा केवल स्वरोजगार करने वालों, पेशेवरों (प्रोफेशनल्स) और वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा।
चूंकि नौकरीपेशा वर्ग का टीडीएस उतना ही कटता है जितनी उसकी टैक्स देयता होती है। इस वर्ग की पहले से कोई दर निर्धारित नहीं होती। वित्त मंत्री ने बुधवार को राहत पैकेज की पहली किस्त का विवरण दिया तो उसमें टीडीएस, टीसीएस में छूट की बात कही गई। वित्त मंत्री ने कहा था कि यह छूट टीडीएस, टीसीएस के सभी स्लैब्स पर लागू होगी और इससे देश भर के करदाताओं के करीब 55 हजार करोड़ रुपये बचेंगे। यह छूट 14 मई से लागू हो गई है। 31 मार्च 2021 तक इसका लाभ मिलता रहेगा। गुरुवार को टीडीएस कटौती की नई दरें जारी की गईं।
ये हैं टैक्स की नई दरें
सिक्युरिटी और डिविडेंट पर : सिक्युरिटीज पर ब्याज और डिविडेंड से होने वाली आय पर 10 फीसदी के बजाय अब 7.5 फीसदी की दर से टीडीएस लगेगा। इसी तरह सिक्युरिटीज पर ब्याज से अतिरिक्त मिलने वाली ब्याज पर 10 के बजाय 7.5 फीसदी टीडीएस लगेगा। इस कैटेगिरी में व्यक्तिगत मामलों में अधिकतम 5 से 50 हजार तक का टैक्स लगेगा।