कानपुर देहात। जिला अस्पताल परिसर के एनआरसी में ताला बंद मिलने के मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस वजह से कर्मचारी अभी भी मनमानी पर उतारू है।
कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए एनआरसी में बच्चों को भर्ती किया जा किया जाता है, लेकिन अस्पताल के जिम्मेदारों की जेब गर्म करने की वजह से कर्मचारी अक्सर नदारद रहते हैं। इसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। 22 अक्तूबर को यूनीसेफ की टीम दो बच्चों को लेकर एनआरसी में भर्ती कराने पहुंची थी, लेकिन वहां पर ताला लटका हुआ था। इसकी सूचना सीएमओ और सीएमएस को दी। इसके बाद सीएमएस डॉ. खालिद रिजवान को भी ताला लटका मिला। इस मामले में कर्मचारियों द्वारा अधिकारियों सांठगांठ कर शांत करा दिया गया है। इस वजह से अभी तक अस्पताल की ओर से कार्रवाई को लेकर अवगत नहीं कराया गया। सीएमओ डॉ. एके सिंह को सीएमएस ने अवगत कराया है कि समय-समय पर औचक निरीक्षण कर उपस्थिति देखेंगे।
एनआरसी में गुणवत्ताहीन दिया जाता है खाना
एनआरसी में भर्ती होने वाले बच्चे व उनकी मां को अस्पताल प्रबंधक की ओर से गुणवत्ताहीन खाना दिया जाता है। किसी दिन दाल पतली तो किसी दिन ज्यादा नमक वाला खाना दिया जाता है। अधिकारियों के निरीक्षण न करने के चलते लोग अपनी समस्या किसी को बता नहीं पा रहे। जबकि इसकी शिकायतें भी की जाती है।