रेलवे ट्रैक और सीपीसी मालगोदाम पर चूहे, कॉकरोच मारने और खुदी मिट्टी उठवाने के लिए पिछले नौ महीने में नौ लाख रुपये का भुगतान तो कर दिया, लेकिन न तो ट्रैक से मिट्टी हटी और न चूहे मरे। बड़े-बड़े चूहों ने ट्रैक के नीचे से आर-पार सुरंगे बना ली हैं।
पिछले हफ्ते निरीक्षण पर आए डीआरएम इलाहाबाद (वरिष्ठ मंडल प्रबंधक) ने चूहों की दौड़ देखकर अफसरों को फटकारा तो रेलवे अधिकारियों ने इंजीनियर विभाग से संबंधित ठेका लेने वाली कंपनी और भुगतान का ब्योरा मांगा है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस काम का ठेका लखनऊ की एक कंपनी के पास है।
उसे हर महीने एक लाख रुपये का भुगतान भी किया जा रहा है। पर 11 फरवरी को इलाहाबाद मंडल के डीआरएम वीके त्रिपाठी सेंट्रल पर निरीक्षण को पहुंचे जहां प्लेटफार्म नंबर नौ के ट्रैक पर चूहे और मिट्टी मिली।
उन्होंने इंजीनियर विभाग के अधिकारियों को फटकारा। रेलवे अधिकारियों ने इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों से भुगतान का लिखित जवाब मांगा है।
इस बारे में इंजीनियरिंग विभाग के सहायक अभियंता एके शर्मा का कहना है कि लखनऊ की कंपनी के पास चूहे, कॉकरोच मारने और मिट्टी हटाने का ठेका है।
पिछले नौ माह से कंपनी काम कर रही है। रही बात मिट्टी न उठाने की तो ठेकेदार को टेंडर रद करने का नोटिस दिया जाएगा। कंपनी का नाम पूछने पर कहा कि मुझे नाम याद नहीं है। कागज देखकर कंपनी का नाम बताऊंगा।