हरदोई जिले के सुरसा विकास खंड के ग्राम म्योनी स्थित गोशाला में नौ मवेशियों की मौत होने की जानकारी पर रविवार रात विश्व हिंदू परिषद और हिंदू युवा वाहिनी (भारत) युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने गोशाला के बाहर हंगामा कर दिया।
जानकारी पर डीएम अविनाश कुमार ने एसडीएम सदर और नगर मजिस्ट्रेट को रात में ही गोशाला जांच के लिए भेज दिया। मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम कराया गया है। डीएम ने केयर टेकर को बर्खास्त कर दिया है।
हिंदू युवा वाहिनी के जिला प्रभारी आशीष कुमार मिश्रा, जिलाध्यक्ष राजमंगल त्रिपाठी अंशु, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष कुलदीप मिश्रा को रविवार रात जानकारी मिली कि म्योनी गोशाला में बड़ी संख्या में मवेशियों की मौत हो गई है।
इस पर सभी गोशाला पहुंच गए और आक्रोश जता जांच की मांग की। डीएम अविनाश कुमार ने मामले की गंभीरता समझ एसडीएम सदर लक्ष्मी एन और नगर मजिस्ट्रेट जंग बहादुर यादव को मौके पर भेजा। दोनों अधिकारियों ने हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं को समझाया।
सीवीओ डॉ. जेएन पांडेय को निर्देश दिए कि पशु चिकित्सकों की टीम भेजी जाए। सीवीओ डॉ. जेएन पंाडेय का कहना है कि नौ मवेशी मृत मिले हैं। इन्हें दफन करा दिया गया है। गोशाला के सामने स्थित भूमि पर भी मृत मवेशियों को डाले जाने की जानकारी मिली है।
सीवीओ बोले, अधिक उम्र से स्वाभाविक मौत
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जेएन पांडेय का कहना है कि चार पशु चिकित्सकों की टीम ने नौ मवेशियों का पोस्टमार्टम किया। इनमें डॉ. श्याम त्रिपाठी, डॉ. वीपी सिंह, डॉ. शेषमणि यादव और डॉ. ओपी पांडेय शामिल रहे। सीवीओ का कहना है कि अधिक उम्र के कारण मवेशियों की स्वाभाविक मौत हुई है। आम तौर पर गोवंशी मवेशी की आयु 12 से 13 वर्ष होती है, लेकिन औसतन नौ वर्ष ही ये जीवित रहते हैं।
एसडीएम सदर से तीन दिन में डीएम ने मांगी रिपोर्ट
डीएम अविनाश कुमार ने बताया कि एसडीएम सदर लक्ष्मी एन से पूरे मामले की जांच रिपोर्ट तीन दिन में देने को कहा गया है। मृत मवेशी कहां से आए और कहां शव मिले, इस पर भी आख्या मांगी गई है।
कार्रवाई न हुई तो देंगे धरना
हिंदू युवा वाहिनी (भारत) युवा मोर्चा ने सोमवार को एडीएम संजय कुमार सिंह को ज्ञापन दिया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में बताया कि गोशालाओं की स्थिति बेहद खराब है। मवेशियों की मौत गोशालाओं में हो रही है और कार्रवाई के नाम पर सिर्फ लकीर पीटी जा रही है। मांग की गई कि ग्राम प्रधान और सचिव के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। ऐसा न होने पर कलक्ट्रेट में धरना दिया जाएगा।