कानपुर के सचेंडी में हुए हादसे के दौरान एनएचएआई की पेट्रोलिंग टीम नदारद रही थी। ऐसे हादसों पर एनएचएआई की पेट्रोलिंग टीम को तत्काल रेस्पांस करना होता है लेकिन 24 घंटे बाद तक टीम घटनास्थल पर नहीं पहुंची। इसको पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने गंभीरता से लिया है।
एनएचएआई के निदेशक को पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि पुलिस से समन्वय स्थापित कर पेट्रोलिंग दुरुस्त करें ताकि हादसा होने पर घायलों की मदद हो सके। एनएचएआई की एक इमरजेंसी पेट्रोलिंग टीम होती है। जिसकी जिम्मेदारी होती है कि यदि हाईवे पर हादसा होता है तो उसको तत्काल मौके पर पहुंचना होता है।
टीम वहां पर टेक्निकल मुआयना करने के साथ-साथ घायलों को अस्पताल आदि पहुंचाने में पुलिस की मदद करती है। एंबुलेंस और क्रेन आदि की उपलब्धता कराना भी एनएचएआई की जिम्मेदारी है। मगर यहां कुछ भी ऐसा नहीं हुआ। इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद एनएचएआई की टीम का कुछ अता पता ही नहीं था।
पुलिस कमिश्नर ने पत्र लिखकर कहा है कि इमरजेंसी टीम के जो लोग शामिल हैं वो कानपुर कमिश्नरी और आउटर पुलिस से संपर्क कर जानकारियां साझा करें। समय समय पर मॉक ड्रिल करें। पुलिस कंट्रोल रूम और एनएचएआई की इमरजेंसी टीम आपसी समन्वय स्थापित करे, जिससे हादसों की तत्काल जानकारी टीम को हो सके।