चित्रकूट जिले में खोही बड़ा अखाड़ा के महंत कल्याणदास के कमरे से आठ लाख रुपये, करीब डेढ़ किलो चांदी और डेढ़ क्विंटल सिक्के (रुपये) मिले हैं। अलमारी में एक पत्र भी मिला है, जिसमें पांच लोगों पर प्रताड़ित करने संपत्ति हथियाने की साजिश करने का आरोप है।
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महंत की बृहस्पतिवार को मौत हो गई थी। शुक्रवार को पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है। शनिवार को अखाडों व मंदिर के महंतों की मौजूदगी में एसडीएम, एएसपी व सीओ ने महंत का कमरा खुलवाया।
महंत की अलमारी में लेटर पैड में लगा मुख्यमंत्री को संबोधित एक पत्र मिला है। मौत के बाद अखाड़ा की जमीन गोरखनाथ मंदिर की पीठ को देने की बात कही गई है। पत्र में धर्मनगरी के कुछ मंदिरों के संतों और एक यादव परिवार के सदस्य (अज्ञात) पर प्रताड़ित करने का आरोप है।
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कमरे में आठ लाख रुपये, डेढ़ कुंतल सिक्के (दस, पांच, दो व एक रुपये), एक किलो 600 ग्राम चांदी, चांदी से बने भगवान के मुकुट, दवाएं और मोबाइल मिला है। कमरे की छत से रसोई में जाने के लिए सीढ़ियां भी बनी हैं। तलाशी की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि पत्र में बृजेश, शिवदत्त, विकास, उमेश व अज्ञात पर आरोप है। इनमें से कुछ आसपास के मंदिरों के पुजारी व शिष्य हैं। डाग स्क्वाड व फारेंसिंक टीम ने जांच कराई जा रही है। सीओ, कोतवाल व दो अन्य की जांच कमेटी बना दी गई है।
तलाशी के दौरान धर्मनगरी के महंत रहे मौजूद
कमरे की तलाशी के समय सात मठों के महंत दिव्य जीवनदास, महंत अनूप दास, महंत मनोहर दास,महंत भरतदास आदि मौजूद रहे।
व्यापारियों को उधार दिए रुपये
बताया जा रहा है कि एक डायरी भी मिली है। जिसमें स्थानीय व्यापारियों को चार लाख रुपये उधार देने सहित अन्य बातें लिखी हैं। मोबाइल की कॉल डिटेल को भी खंगाला जा रहा है।
आश्रमों की संपत्ति के लिए होते रहते हैं विवाद
धर्मनगरी में आश्रम की संपत्ति के लिए विवाद होते रहते हैं। पिछले साल प्राचीन मंदिर बाला जी के महंत की हत्या कर दी गई थी। धर्मनगरी क्षेत्र में कई आश्रम के पास करोड़ की संपत्ति और जमीनें भी हैं। आश्रम की महंती को लेकर विवाद होता रहता है। इसमें कुछ महंतों की हत्या भी हो चुकी है। इसी साल बाला जी के मंदिर के महंत की हत्या रामघाट के पास कर दी गई थी। इसमें आश्रम के कुछ युवक और फतेहपुर का एक व्यक्ति पकड़ा गया था। परिक्रमा मार्ग के एक मंदिर के महंत को जानीकुंड के पास गोली मार दी गई थी।
प्रयागराज के महंत वाली घटना से जोड़ने की कवायद
प्रयागराज के लेटे हनुमान मंदिर के आश्रम के महंत की मौत के बाद सोसाइट नोट मिला था। जिसमें प्रताड़ित करने की बात सामने आयी थी। उसी तरह से धर्मनगरी के महंत के मिले सोसाइट नोट में भी प्रताड़ित करने की बात सामने आयी है।
मुख्यमंत्री से मिल चुके थे महंत
बताया जाता है कि निर्वाणी खोही बडे़ आश्रम के महंत कल्याणदास घटना के पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले थे। जिसमें उन्होंने प्रताड़ित करने की बात कहीं थी। इसके बाद अपने आश्रम की संपत्ति गोरखपीठ को सौंपने के लिए कहा था।