कानपुर। छात्रों के मन की उलझन, परेशानी, अवसाद जैसी दिक्कतों से उबारने के लिए छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय ने एम्स दिल्ली के साथ मिलकर नेवर अलोन एप की शुरुआत की है। यह एप न केवल छात्रों के तनाव को दूर करने में मदद करेगा, बल्कि उन्हें सही रास्ता भी दिखाएगी। यह केवल कैंपस के छात्रों के लिए है। करीब 300 छात्र छात्राओं ने पंजीकरण करा लिया है। एप को छात्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य से सोमवार से इसका प्रचार प्रसार किया जाएगा।
सीएसजेएमयू और एम्स दिल्ली के बीच एक एमओयू भी साइन हुआ है। नेवर अलोन एक एआई आधारित प्लेटफॉर्म है। यह व्हाट्सएप के जरिए उपलब्ध है। छात्र स्कैन कर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें ट्रेंड काउंसलर की टीम छात्रों की ऑनलाइन या ऑफलाइन वन-टू-वन काउंसलिंग करती है।
क्लीनिकल साइकोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि यह तीन स्तर पर काम करता है। एआई के जरिए शुरुआती जांच में छात्रों के बताए गए लक्षणों के आधार पर उनकी स्थिति का आकलन करता है। जुड़ाव और संवाद की वजह से यह उनकी भावनात्मक स्थिति को समझा जाता है। आखिर में डॉक्टरों और विशेषज्ञों की मदद के लिए कहता है। छात्रों के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग, अपॉइंटमेंट और यहां तक की ई-प्रिस्क्रिप्शन की सुविधा भी दी जाती है। वह व्हाट्सएप के माध्यम से इसका उपयोग कर सकते हैं। हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है।