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Kanpur News: न कच्चा माल मिल रहा और न ही नए ऑर्डर, बढ़ रहा आर्थिक संकट

Thu, 02 Apr 2026 01:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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रनियां (कानपुर देहात)। अमेरिका, इस्राइल और ईरान में चल रहे युद्ध से समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। इसका सीधा असर अब स्थानीय उद्योगों पर साफ नजर आ रहा है। उद्यमियों के अनुसार, हालात अभी भी सामान्य नहीं हो पाए हैं और उत्पादन लगातार प्रभावित हो रहा है। सीमित संसाधनों से उद्योग संचालित किए जा रहे हैं। कच्चा माल, नए ऑर्डर न मिलने से आर्थिक संकट भी गहराता जा रहा है।
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रनियां और जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र में करीब 400 छोटी-बड़ी इकाइयां संचालित हैं, जिनमें 100 से 150 प्लास्टिक फैक्ट्रियां शामिल हैं। कई फैक्टरी में टेक्सटाइल, चर्म उद्योग संचालित हो रहा है। प्लास्टिक के कच्चे माल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे इकाइयों का संचालन मुश्किल होता जा रहा है। कच्चे माल की उपलब्धता भी प्रभावित हो रही है और नए ऑर्डर मिलना लगभग बंद हो गया है।
उद्यमियों का कहना है कि पहले कच्चे माल और ऑर्डर की कमी के चलते उत्पादन प्रभावित था लेकिन पुराने स्टॉक के सहारे 10 से 20 फीसदी उत्पादन जारी था। अब वह भी बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है। अधिकांश इकाइयों में कच्चे माल की आपूर्ति लगभग ठप हो गई है। इन औद्योगिक क्षेत्रों में प्लास्टिक, इस्पात, खाद्य पदार्थ और बोतल निर्माण से जुड़ी इकाइयां संचालित हैं। उद्यमियों ने बताया कि 28 फरवरी से ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच शुरू हुआ। युद्ध के बाद से संकट लगातार गहराता जा रहा है।
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बोले उद्यमी...
नए रेट पर ऑर्डर देने से इन्कार कर रहे ग्राहक
कच्चे माल की आपूर्ति लगभग बंद हो गई है और प्लास्टिक के दाम रोजाना दो से पांच रुपये तक बढ़ रहे हैं। पुराने रेट पर ऑर्डर मिलने से नुकसान की आशंका बनी हुई है, जबकि नए रेट पर ग्राहक ऑर्डर देने से इंकार कर रहे हैं। - अजय गर्ग, उद्यमी
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एक प्लांट संचालित, काम कर रहे पांच मजदूर
ऑर्डर घटकर 15 से 20 फीसदी रह गए हैं। मजदूरों को हटाना भी मुश्किल है, क्योंकि बाद में उनकी उपलब्धता नहीं होती। फिलहाल पानी की बोतल का एक ही प्लांट संचालित किया जा रहा है, जिसमें पांच मजदूर काम कर रहे हैं, जबकि अन्य को खाली बैठाकर भी मजदूरी देनी पड़ रही है। - शशिकांत गिरी, उद्यमी
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