डेरापुर। थाना क्षेत्र के कपासी कला में जुआ और शराब की लत में जमापूंजी बर्बाद हो जाने से एक किसान तनाव में आ गया। बुधवार सुबह उसने परिजन से छिपकर गांव के बाहर जाकर आत्महत्या कर ली। खेताें की ओर गए किसानों को शव फंदे पर देख घटना की जानकारी पुलिस व परिजन को दी।
कपासी कला निवासी राजेश संखवार (50) पुत्र मंगली खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। बुधवार सुबह 11 बजे के करीब खेतों की ओर गए किसानों ने उनका शव गांव के बाहर आम के पेड़ में गमछे के फंदे से लटकता देखा। किसानों ने गांव में आकर घटना की जानकारी परिजन को दी। अनहोनी पर राजेश की पत्नी गीता देवी, बेटा विपिन, विनय, ब्रजेंद्र, अजय, पंकज, सोनू, बेटी गोल्डी, रोशनी, परिजन रोते बिखलते हुए ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंच गए।
बेटे विपिन ने बताया कि पिता शराब और जुआ के आदी थे। करीब 15 दिन में पिता ने जुए और शराब में करीब 70-80 हजार रुपये बर्बाद कर दिए। जमापूंजी खत्म हो जाने से वह तनाव में आ गए थे। वह तीन दिन से रस्सी लेकर आत्महत्या करने के लिए भाग रहे थे। परिजन उनको बार-बार पकड़ कर घर लाकर समझाते थे। बुधवार सुबह वह चुपके से घर से निकल गए। सुबह 11 बजे के करीब ग्रामीणों की ओर से उनके आत्महत्या करने की जानकारी मिली।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर फॉरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। थानाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि परिजन के अनुसार किसान ने तनाव में आकर आत्महत्या की है। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट व जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।