बच्चों संग हादसे दर हादसे हो रहे हैं और आरटीओ दफ्तर सो रहा है। वाहनों की फिटनेस की खानापूर्ती होती है। स्कूली वाहनों की चेकिंग अभियान तो सिर्फ कागजों में ही चलता है।
ये हाल है उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर का। यहां कुछ दिन पहले एक स्कूली वैन में आग लग गई थी। इससे बड़ा हादसा होते बचा था। तब आरटीओ दफ्तर के अफसरों ने स्कूली वाहनों की चेकिंग की बात कही थी लेकिन कुछ नहीं हुआ। इससे पहले भी कई बार स्कूली वाहनों से हादसे हुए हैं। अब फिर बर्रा में स्कूली बस एक बाउंड्री को तोड़ते हुए प्लाट में जा घुसी।
पुलिस का कहना है कि बस की स्टेयरिंग फेल हो गई थी। हालत यह है कि वाहन की फिटनेस चार से पांच मिनट में ओके कर दी जाती है। शासन स्तर से आए स्कूली वाहनों की चेकिंग का अभियान भी कागजों में निपटा दिया गया।
एआरटीओ प्रशासन आदित्य त्रिपाठी का कहना है कि दुघर्टना का कारण सड़क की स्थिति या चालक की लापरवाही भी हो सकती है। फिर भी वह मंगलवार को स्कूली वाहनों की चेकिंग को लेकर आरटीओ से बात करेंगे। इसके बाद गंभीरता से चेकिंग कराई जाएगी।