रनियां। निकाय के पचगवां व विसायकपुर में पेयजल आपूर्ति के लिए लाखों रुपये खर्च कर दो टंकियां बनाई गई हैं। मगर जिम्मेदारों ने न तो पाइप लाइन डलवाई और न ही कनेक्शन किए। साढ़े तीन साल से करीब चार हजार आबादी पेयजल के लिए हैंडपंपों पर निर्भर है।
रनियां को दिसंबर 2019 में नगर पंचायत का दर्जा मिला। वर्ष 2021 की शुरुआत में पचगवां व विसायकपुर में पेयजल किल्लत दूर करने को 12-12 हजार लीटर क्षमता की दो टंकियों का निर्माण कराया गया। कार्यदायी संस्था केजीएन गवनर्मेंट कॉन्ट्रैक्टर एंड कंपनी ने 19 लाख रुपये से अधिक में दोनों टंकियां बनाई। दिसंबर 2021 में टंकियां बनकर तैयार हो गई। लोग पेयजल आपूर्ति की आस लगाए थे।
मगर पाइप लाइन न डाले जाने से कनेक्शन अटक गए। लोग पाइप लाइन डाले जाने का इंतजार करते रहे। इधर कार्यदायी संस्था ने काम समेट लिया। इसके बाद लोग नगर पंचायत कार्यालय में लगातार पेयजल की किल्लत की शिकायतें कर रहे हैं। मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही हे। दोनों टंकियां शो पीस बनी है। दोनों गांव की करीब चार हजार आबादी साढ़े तीन साल से पेयजल किल्लत से जूझ रही है। पेयजल के लिए हैंडपंपों पर निर्भरता है।
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लोगों ने बयां किया दर्द
गर्मी में दगा दे जाते हैंडपंप, होती परेशानी
गर्मी में भूजल स्तर गिरने से हैंडपंप दगा दे देते है। कई में बेहद कम पानी निकलता है। इससे पेयजल किल्लत बनी है। टंकी शोपीस बनी है।
- राम सुरेश
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गुहार लगाने के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
लगातार नगर पंचायत में पेयजल आपूर्ति की गुहार लगाई जा रही है। मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बनाई गई टंकी से पेयजल आपूर्ति कराई जाए तो लोगों को जरूरत का पानी मुहैया होगा।
-विजय गुप्ता
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वर्जन.........
विसायकपुर व पचगवां में कई साल पहले दो टंकियां बनवाई गई। यह चालू नहीं हैं। पाइप लाइन नहीं डाली गई है। जुलाई में पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू कराया जाएगा। - मनीष राय, ईओ नगर पंचायत रनियां।