कानपुर देहात। रनियां औद्योगिक क्षेत्र के जरिहा स्थित टायर ऑयल फैक्टरी के भंडारण टैंक में सोमवार शाम आग लग गई थी। आग से झुलस कर 30 फीट ऊंचाई से नीचे गिरने से दो श्रमिकों की मौत हो गई थी। इस मामले में जांच चल रही है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही की बात सामने आई है।
फैक्टरी प्रबंधन का कहना कि श्रमिक टैंक का ढक्कन खोलने गए थे। आशंका जताई कि बीड़ी पीने के दौरान टैंक के तेल ने आग पकड़ ली। हालांकि घटना के बाद वेल्डिंग किए जाने की बात कही गई थी। सवाल ये है कि यदि टैंक में ऑयल था तो न वहां बीड़ी पीनी चाहिए और न ही बिना सुरक्षा इंतजाम के वेल्डिंग की जानी चाहिए थी। श्रमिक 30 फीट ऊंचाई पर थे। उनके पास सुरक्षा उपकरण भी नहीं थे। मंगलवार को फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। वहीं अग्निशमन अधिकारी ने पहुंच कर निरीक्षण किया। अब विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद ही अग्निकांड की स्थिति साफ होगी।
जरिहा में कानपुर निवासी रमेश गुप्ता की ओम जेबी आरडी के नाम से फैक्टरी है। जिसमें पुराने टायर गलाकर ऑयल (पायरोलिसिस) बनाया जाता है। इस तेल को बॉयलर आदि चलाने में इस्तेमाल किया जाता है। फैक्टरी प्रबंधन ने करीब दो साल पहले आग से बचाव के इंतजाम पूरे कर फायर एनओसी ली थी। इधर अग्निकांड के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर लापरवाही सामने आई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना की वजह लापरवाही रही है। सतर्कता में हुई चूक से भंडारण टैंक में आग लगी।
वहीं, फैक्टरी मालिक रमेश गुप्ता का कहना है कि टैंक में वेल्डिंग नहीं कराई जा रही थी। टैंकरों में तेल भरने के लिए श्रमिक भंडारण टैंक के ऊपर लगा ढक्कन खोलने गए थे। इसी दौरान धमाके के साथ आग लग गई। आशंका जताई कि किसी श्रमिक के बीड़ी पीने की वजह से टैंक में आग लगी है। घटना के बाद वह रनियां थाने में सूचना देने गए थे। इधर, जानकारों का कहना है कि यदि प्रबंधन संजीदा होता और सतर्कता बरती गई होती घटना बच सकती थी।
अग्निशमन अधिकारी कपिल चाहर ने बताया कि भंडारण टैंक में करीब आधा टायर ऑयल से भरा था। टायर ऑयल अत्यधिक ज्वलनशील है। टैंक में खाली स्थान पर गैस भरी होने की वजह से आग लगने पर धमाका हुआ। इसके साथ ही टैंक की ऊपरी ओर लोहे की चद्दर फट गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि टायर ऑयल टैंक की आग बुझाने के बाद परिसर में टैंक के एक तरफ एक तो दूसरी तरफ दूसरे श्रमिक का शव मिला। फैक्टरी संचालक को जल्द नोटिस दिया जाएगा। अभी घटना को लेकर जांच चल रही है।
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आग से करीब 70 लाख का नुकसान
रनियां। जरिहा स्थित टायर ऑयल बनाने की फैक्टरी के मालिक कानपुर के किदवई नगर निवासी रमेश गुप्ता ने बताया कि टैंक में आग लगने की घटना के समय दो गार्ड और दो श्रमिक ही थे। बताया कि फैक्टरी में उत्पादन बंद था। टैंकरों में भरा टायर ऑयल बारिश की वजह से खाली नहीं कराया गया था। बारिश बंद होने पर अब टायर ऑयल टैंकरों में शिफ्ट करने की तैयारी थी। सोमवार शाम को परिसर में खड़े तीन टैंकरों में टायर ऑयल शिफ्ट किया जाना था। इसके पहले की घटना हो गई। इसके बाद फैक्टरी गार्ड पुखरायां निवासी आशीष व गजनेर निवासी संदीप मौके से भाग गए। बताया कि टैंक में आग से करीब 70 लाख का नुकसान हुआ है। (संवाद)
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मुआवजे के लिए श्रम विभाग ने फैक्टरी मालिक को भेजा नोटिस
- सूचना के लिए नोटिस की दूसरी प्रति मृतक रियाज के परिजन को सौंपी
संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर देहात। ओम जेबी आरडी (टायर ऑयल) फैक्टरी में हुए हादसे में जान गंवाने वाले एक श्रमिक की शिनाख्त हुई है। दूसरे की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। श्रमिक रियाज के परिजन को मुआवजा दिलाने के लिए श्रम विभाग ने फैक्टरी मालिक को नोटिस भेजा है। मुआवजा भुगतान न करने पर रियाज के परिजन फैक्टरी मालिक के खिलाफ वाद दायर कर सकेंगे।
सहायक श्रमायुक्त रामअशीष ने बताया कि शिनाख्त वाले मृतक रियाज के परिजन से संपर्क कर उन्हें नियमों की जानकारी दी गई है। कर्मचारी प्रतिकर अधिनियम में मुआवजे का प्रावधान है। इसके तहत फैक्टरी मालिक रमेश गुप्ता के व्हाट्सएप नंबर पर नोटिस भेजा गया है। जल्द ही उन्हें बुलाकर नोटिस दिया जाएगा। रियाज के परिजन को सूचना के लिए नोटिस की दूसरी प्रति दी गई है। यदि फैक्टरी मालिक मुआवजा का भुगतान नहीं करेंगे तो वाद दायर करने का विकल्प रहेगा। रियाज के परिजन को इसकी जानकारी दी गई है। कुशल श्रमिक के मामले में करीब 14 लाख मुआवजा हो सकता है।
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फैक्टरियों के बाहर लिखनी होगी जरूरी सूचना, एसडीएम ने दिए निर्देश
कानपुर देहात। रनियां और जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र में करीब 450 फैक्टरियां हैं। अधिकांश के गेट पर फैक्टरी से जुड़ी जरूरी सूचनाएं नहीं लिखी हैं। एसडीएम सदर ने इसका संज्ञान लिया है। सहायक श्रमायुक्त और कारखाना निरीक्षक को पत्र भेजकर फैक्टरी गेट पर जरूरी सूचनाएं लिखवाने के निर्देश दिए हैं। जरिहा में टायर ऑयल टैंक में आग लगने की घटना की जानकारी पर सोमवार शाम को प्रशासनिक अमला भी पहुंचा। गार्ड व श्रमिकों के भाग जाने की वजह से फैक्टरी कर्मियों व परिसर स्वामी के संबंध में जानकारी को लेकर अधिकारियों को परेशान होना पड़ा। इसका एसडीएम सदर राजकुमार पांडेय ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि अकबरपुर तहसील क्षेत्र में रनियां व जैनपुर औद्योगिक क्षेत्र आते हैं। अधिकांश फैक्टरियों के बाहर फैक्टरी का नाम, फैक्टरी मालिक, मैनेजर, ठेकेदार आदि की सूचना नहीं लिखी होने से सही जानकारी में परेशानी होती है। जरिहा में टायर ऑयल टैंक में आग लगने की घटना के बाद भी फैक्टरी प्रबंधन व श्रमिकों से जुड़ी जानकारी के लिए परेशान होना पड़ा। फैक्टरी गेट पर जरूरी सूचना लिखी जाए इसके लिए सहायक श्रमायुक्त और कारखाना निरीक्षक को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। (संवाद)