फर्रुखाबाद में चार माह पहले हुए नीतू हत्याकांड में स्वाट टीम ने मुकदमे के आरोपी मैनपुरी के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत पांच लोगों से पूछताछ की। मुकदमे के वादी व उसके मां-बाप से भी स्वाट के प्रभारी ने कई चक्रों में जानकारी की। सर्विलांस से भी कुछ निकलकर सामने नहीं आ रहा है।
जिनको आरोपी बनाया गया है इनमें सभी की लोकेशन घटना से एक सप्ताह तक मैनपुरी जिले की ही मिल रही है। ऐसे में नीतू हत्याकांड पुलिस व स्वाट के लिए पहेली बन गया है। मैनपुरी के थाना दन्नाहार क्षेत्र के गांव नगला मठिया निवासी रक्षपाल पुत्र वीरसहाय ने बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गांव के ही महाराज सिंह पुत्र रामशंकर, मुकेश कुमार, जितेंद्र उर्फ गुड्डू पुत्रगण महाराज सिंह, कामता प्रसाद पुत्र वीरसहाय व थाना भोगांव क्षेत्र के गांव छाछा निवासी रामबिहारी पुत्र चतुरीलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
इसमें कहा था कि उनका 25 वर्षीय पुत्र नीतू उर्फ मिथुन कुमार 20 जुलाई को कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव गांधी नगर भटपुरा निवासी दामाद राकेश कुमार के यहां घूमने गया था। वह 25 जुलाई को सुबह दौड़ने निकला था। तभी वह लापता हो गया। शाहजहांपुर जनपद के मिर्जापुर थाने में उसका शव 27 जुलाई को मिला था। इस प्रकरण में तत्कालीन एसओ कमालगंज जसवंत सिंह को विवेचना में लेनदेन की शिकायत पर हटा दिया गया था।
एडीजी प्रेम प्रकाश के आदेश पर स्वाट टीम प्रभारी कुलदीप दीक्षित व एसओ कमालगंज अंगद सिंह की तीन टीमों को लगाया गया। नए सिरे से छानबीन शुरू की गई। घटना स्थल से लेकर नीतू के बहनोई के घर जाकर पूरे मामले में जानकारी एकत्र की गई है। स्वाट टीम ने सोमवार को बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष महाराज सिंह समेत सभी लोगों से पूछताछ की। लेकिन कोई नतीजा निकलकर सामने नहीं आया।