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Nazul Property Case: जमीन कब्जाने में अवनीश ने 45 मिनट में की थीं 72 कॉल, कई बड़े चेहरों तक पहुंच सकती है जांच

Sat, 17 Aug 2024 09:56 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: नजूल संपत्ति मामले में पुलिस को जांच के दौरान पूंजीपति, नामी वकील और भाजपा से जुड़े लोगों के सिंडीकेट के इशारे पर जमीन कब्जाने के संकेत मिले हैं। इस मामले में पुलिस की जांच । शहर के कई बड़े चेहरों तक पहुंच सकती है।
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अवनीश दीक्षित को पेशी पर लेकर पहुंची पुलिस - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर के सिविल लाइंस में करोड़ों की सरकारी जमीन कब्जाने के प्रयास में जेल भेजे गए अवनीश दीक्षित के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) से पता चला है कि अवनीश ने घटना वाले दिन 45 मिनट में शहर के कई पूंजीपतियों, वकीलों और सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों के एक बड़े सिंडीकेट के सदस्यों को 72 कॉल किए थे। रिमांड पर लिए गए अवनीश से इस संबंध में पुलिस ने पूछताछ भी की।

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इसके बाद पुलिस की जांच की दिशा मुड़ गई है। पुलिस यह समझने का प्रयास कर रही है कि आखिर अवनीश ने इतने कॉल क्यों किए और उन कॉल को करने के बाद इस सिंडीकेट के सदस्यों की क्या गतिविधि रही। सूत्रों का कहना है कि अवनीश की रिमांड पूरी होने के बाद पुलिस इस मामले में शामिल पर्दे के पीछे के बड़े चेहरों को भी बेनकाब करेगी। बता दें जेल भेजे गए अवनीश दीक्षित की रिमांड के दौरान डीसीपी पूर्वी श्रवण कुमार सिंह की अगुवाई में दो एसीपी और पांच इंस्पेक्टरों की टीम अलग-अलग पूछताछ कर रही है।

सिर्फ कॉल डिटेल को लेकर अवनीश से तीन घंटे तक पूछताछ की गई। पुलिस को अवनीश से कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस का मानना है कि इस घटना में अवनीश महज मुखौटा है। पर्दे के पीछे से पूंजीपतियों, वकीलों और सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों का सिंडीकेट काम कर रहा था। अवनीश के मोबाइल से इन सभी लोगों से हुई बातचीत की वाइस रिकॉर्डिंग साक्ष्य के रूप में तैयार कर इस्तेमाल किए जाने की तैयारी है।

विवाद को मैनेज करने का मिला था भरोसा
जांच में पता चला है कि अवनीश को शहर के पूंजीपतियों, अधिवक्ताओं और सत्ताधारी नेताओं के सिंडीकेट से जमीन कब्जाने के लिए संरक्षण और हर स्थिति को मैनेज करने का भरोसा मिला था। इस जमीन के अलावा अन्य मामलों में भी अवनीश की इसी सिंडीकेट ने मदद की थी। जमीन में पूंजीपतियों का पैसा लगता था। कुछ वकीलों ने शहर से लेकर हाईकोर्ट तक अन्य जमीनों समेत नजूल की संपत्तियों को क्लीयर कराने का ठेका लिया और सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों ने मामले को मैनेज कराने का भरोसा दिलाया। अब जिन बड़े लोगों के नाम जांच में सामने आए हैं, पुलिस उन सभी की मामले में भूमिका, कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजेक्शन समेत अन्य साक्ष्य जुटा रही है।
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यह था मामला
सिविल लाइंस स्थित करोड़ों की नजूल की जमीन कब्जाने के प्रयास में कोतवाली पुलिस ने अवनीश दीक्षित व उसके साथियों के खिलाफ दो रिपोर्ट दर्ज की थी। अवनीश और राहुल वर्मा को जेल भेजा जा चुका है। इसके बाद फरार नौ आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। शुक्रवार को मनोज यादव उर्फ बंदर को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वर्तमान में अवनीश दीक्षित को कोर्ट ने 14 अगस्त को 10 दिन की रिमांड पर पुलिस कस्टडी में भेजा है, जहां पुलिस उससे करीब 250 सवालों के सिलसिलेवार तरीके से जवाब हासिल करने की कोशिश में जुटी है।
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