केन्याई मिलों के तकनीकी कर्मचारियों को मिल रही ट्रेनिंग
इस अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में काकामेगा, नैतिरी, सुकारी इंडस्ट्रीज और नजोइया चीनी मिलों के तकनीकी कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं। शर्करा एवं संबद्ध उद्योगों को पिछले 90 वर्षों से अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर के तकनीकी विशेषज्ञों प्रो. महेंद्र प्रताप सिंह (प्रोफेसर, शर्करा शिल्प) और डॉ. सुधांशु मोहन (असिस्टेंट प्रोफेसर) को राय शुगर के विशेष आमंत्रण पर निदेशक द्वारा इस प्रशिक्षण के लिए नामित किया गया है।
यह कार्यक्रम आपसी ज्ञान साझा करने, तकनीकी चर्चाओं, व्यावहारिक प्रयोगशाला (लैब) प्रशिक्षण और उद्योग के अनुभवों के आदान-प्रदान के लिए एक बेहतरीन मंच साबित हो रहा है। इस कार्यक्रम के सफल संचालन में यूनिट हेड एन. वी. वेंकटप्पा, ने सराहनीय भूमिका निभाई है।
राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर की निदेशक प्रो. सीमा परोहा ने बताया कि संस्थान द्वारा इससे पहले भी विदेशों में कई सफल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। हमारा हमेशा से यह प्रयास रहा है कि शर्करा और उससे जुड़े उद्योगों के वैश्विक विकास के लिए संस्थान ज्ञान की मशाल जलाता रहे।
इसके अलावा, संस्थान से शिक्षा प्राप्त करने वाले कई छात्र आज दुनिया के विभिन्न चीनी उत्पादक देशों में उच्च पदों पर अपनी सेवाएं देकर संस्थान का गौरव बढ़ा रहे हैं। शर्करा उद्योगों की लाभप्रदता और तकनीकी सुदृढ़ीकरण के लिए संस्थान ने कई देशों के साथ एमओयू (समझौता ज्ञापन) भी किए हैं, जिन्हें भविष्य में और मूर्त रूप दिया जाएगा।