हरदोई जिले में रविवार को दयानंद एंग्लो वैदिक कालेज में क्षत्रिय समाज के प्रबुद्ध सम्मेलन में लाल टोपी को लेकर दिए गए बयान पर पूर्व सांसद भाजपा नेता नरेश अग्रवाल ने कहा है कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना उद्देश्य नहीं है।
लाल टोपी को खूनी टोपी कहे जाने पर उन्होंने कहा कि मेरा आशय इस लाल टोपी को केसरिया में बदलने के उद्देश्य से है। सोमवार को मीडिया से बातचीत में भाजपा नेता पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि उनके बयान को गलत ढंग से प्रचारित किया गया है।
लाल टोपी को खूनी और एक विशेष कौम के खून से रंगे होने की बात को उन्होंने सिरे से खारिज किया। कहा कि वह सभी धर्मों और संप्रदाय के लोगों का सम्मान करते हैं। सम्मेलन में यह बयान भी दिया था कि हरदोई में कभी दंगा नहीं होने दिया और किसी भी समुदाय के लोगों के साथ भेदभाव नहीं होने दिया। हर कौम को हरदोई में सुरक्षित रखा, लेकिन इस बयान पर मीडिया ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि लाल टोपी को केसरिया में बदलने का उद्देश्य है।