कानपुर। नागपंचमी का पर्व इस बार विशेष संयोग में 29 जुलाई को मनाया जाएगा। इस दिन सौभाग्य योग और शिव योग का दुर्लभ योग बन रहा है जो पूजा के फलों को कई गुना तक बढ़ा देता है। मान्यता है कि इन दोनों शुभ योगों में नाग देवता की पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
ज्योतिष सेवा संस्थान के संस्थापक आचार्य पवन तिवारी ने बताया कि पंचाग के अनुसार नागपंचमी मंगलवार 29 जुलाई को मनाई जाएगी। पूजा का सबसे उत्तम समय सुबह 5:42 से 8:31 बजे तक रहेगा। चौघड़िया का शुभ मुहूर्त सुबह 10:47 से दोपहर 12:28 तक है। दोपहर 12:27 से 2:09 बजे तक और 3:51 से शाम 5:32 तक भी पूजा के लिए शुभ समय है। इन मुहूर्तों में नाग देवता की पूजा व भगवान शिव का अभिषेक करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
आचार्य पं. एपीएन द्विवेदी ने बताया कि नागपंचमी का पर्व श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जाता है। उदया तिथि के अनुसार इस बार यह पर्व 29 जुलाई को उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में मनाया जाएगा। पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 8:23 से शुरू होगा जो पूरे दिन रहेगा। इस दिन नाग देवता की पूजा करने से कालसर्प दोष का प्रभाव कम होता है।