बढ़ते फंसे कर्ज को देखते हुए स्टेट बैंक अॉफ इंडिया (एसबीआई) ने एक नई व्यवस्था शुरू की है, जिसके तहत लोन की एक भी किस्त अगर समय पर नहीं पहुंची, तो वह उसकी जांच पड़ताल शुरू कर देगा।
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डेमो पिक
शहर में एसबीआई की 120 शाखाएं हैं। सूत्रों की मानें तो इन शाखाओं में करोड़ों के लोन एनपीए हो चुके हैं। इनमें बड़े लोन धारक ज्यादा हैं। अभी तक लगातार तीन किस्त न आने के बाद संबंधित एकाउंट को खराब मानकर जांच-पड़ताल शुरू की जाती थी। किस्त न देने का कारण आदि पूछा जाता है। इसके बाद नोटिस भेजी जाती है। फिर संबंधित व्यक्ति द्वारा दी गई एडवांस चेक को बैंक में लगाया जाता है। चेक बाउंस होने के बाद कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाती है। अब एक किस्त न जमा होते ही संबंधित खाताधारक से पूछताछ शुरू हो जाएगी। वाजिब कारण न होने पर कानूनी कार्रवाई शुरू हो जाएगी। नेशनल कंफेडरेशन ऑफ बैंक इंप्लाइज के सचिव राजेंद्र अवस्थी ने बताया कि यह व्यवस्था छोटे-बड़े सभी तरह के लोन में लागू हो गई है।
बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया के सूत्रों ने बताया कि एनपीए अकाउंट या फिर नया लोन लेने वालों की किस्तों पर लगातार नजर है। वहीं पंजाब नेशनल बैंक के सूत्रों ने बताया कि बैंक ने एनपीए रोकने के लिए नई रणनीति तैयार की है। इसके तहत रिकवरी वर्टिंकल (एक विशेष व्यवस्था, जिसमें कई स्पेशल अफसर होंगे) की व्यवस्था की गई है। कई चरण के परीक्षण के बाद इस व्यवस्था को शहर में जल्द शुरू किया जा रहा है।