प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निराला नगर में हुई सभा में मुस्लिम पुरुष और महिलाएं सुनने के लिए आईं। इनमें अधिक संख्या लड़कियों की रही है। खास बात यह है कि उन्हें कोई नेता नहीं लाया था, विभिन्न माध्यमों से सूचना मिलने पर उन्हें प्रधानमंत्री मोदी का भाषण सुनने की इच्छा हुई। धुंध भरे ठंडे मौसम में लड़कियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों को सुना।
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उनका कहना था कि महिला सशक्तीकरण के लिए सरकारें काम कर रही हैं। इसके साथ ही लड़कियों और अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही सामाजिक स्थिति मजबूत होगी। तीन तलाक कानून का समर्थन किया और कहा कि जिसके साथ घटना होती है, उसका ही दिल जानता है।
कार्यक्रम खत्म होने के बाद गेट पर सहेलियों के साथ खड़ीं जूही की रहने वाली बी.कॉम प्रथम वर्ष की छात्र शगुफ्ता और नुसरत जहां ने बताया कि वे अपने सहेलियों के साथ प्रधानमंत्री को सुनने आई थीं। पीएम मोदी महिला सशक्तीकरण के लिए कार्य कर रहे हैं। तीन तलाक कानून के वे समर्थन में हैं। इसके साथ ही शादी की उम्र बढ़ने से बेटियों को पढ़ाई और कॅरियर बनाने का भी समय मिल जाएगा।
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बोलीं कि वे खुद आई हैं। उन्हें कोई नेता नहीं लाया और न ही किसी के कहने से आई हैं। इसके अलावा रिजवान अहमद, गुलफाम अली समेत कई लोगों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को सुना और नारे भी लगाए। लेकिन दूसरे कार्यक्रमों की तरह इसमें कोई महिला बुर्का पहने नजर नहीं आई और न ही मुस्लिम व्यक्तियों का झुंड टोपी पहने नजर आया।