यह थी पूरी घटना
पारस गुप्ता 25 मई की रात लापता हुए थे। दो महीने बाद पारस के परिजन जब फोरेंसिक कार्यालय पहुंचे थे, तब पता चला था कि 26 मई को रेलवे ट्रैक किनारे शव पड़ा मिला था। लावारिस में ही उसका पोस्टमार्टम करवाकर जीआरपी ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया था।
परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मसाला कारोबारी अमित व अन्य अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज कर एसआईटी ने जांच शुरू की थी। केस की विवेचना काफी धीमी थी। इसलिए एसआईटी को निर्देशित किया गया है कि वह उसमें तेजी लाएं। एसआईटी जांच करती रह गई और आरोपी फरार हो गया।