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कानपुरः नासूर बन गए जलभराव से अब मिलेगी निजात, स्टॉर्म वॉटर डिस्चार्ज कार्ययोजना का खाका हुआ तैयार

Sat, 27 Jul 2019 12:35 PM IST
शिखा पांडेय मनोज चौरसिया, अमर उजाला, कानपुर
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नासूर बन गए जलभराव से अब मिलेगी निजात - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में नगर निगम शहरवासियों को जलभराव से निजात दिलाने की तैयारी कर रहा है। निगम अधिकारियों ने स्टॉर्म वॉटर डिस्चार्ज कार्ययोजना का खाका खींचना शुरू कर दिया है। इसके अंतर्गत वर्तमान नालों को अतिक्रमण से खाली कराने के साथ ही जरूरत के मुताबिक नए नाले बनाए जाएंगे।
 
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नासूर बन गए जलभराव से अब मिलेगी निजात - फोटो : अमर उजाला
कानपुर की आबादी बढ़ने के बावजूद बीते कई दशक से बरसाती पानी निकालने के लिए कोई नया नाला नहीं बना। रफाका, हलवाखाड़ा, सीओडी आदि पुराने नाले अतिक्रमण से संकरे होते जा रहे हैं। गंगा में गिरने वाले सीसामऊ, नवाबगंज, परमिया, ख्यौरा, म्योर मिल नाला, गुप्तार घाट, डबका नाला, शीतला बाजार नाला, छबीलेपुरवा नाला, बाजिदपुर नाला आदि टैप हो चुके हैं।
 
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नासूर बन गए जलभराव से अब मिलेगी निजात - फोटो : अमर उजाला
बरसात में अतिरिक्त पानी की वजह से यह नाले बैकफ्लो होने लगते हैं। इससे वीआईपी रोड, खलासी लाइन, सिविल लाइंस, नवीन मार्केट, पीपीएन मार्केट, माल रोड, बजरिया, कंघी मोहाल जैसे मोहल्लों में भी घंटों जलभराव होने लगा है।

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नासूर बन गए जलभराव से अब मिलेगी निजात - फोटो : अमर उजाला
नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा के अनुसार शहरवासियों को जलभराव से निजात दिलाने के लिए स्टॉर्म वॉटर डिस्चार्ज योजना क्रियान्वित कराया जाना आवश्यक है। निगम के  मुख्य अभियंता कैलाश सिंह को योजना की रिपोर्ट जल्द बनाने के निर्देश दिए हैं।
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नासूर बन गए जलभराव से अब मिलेगी निजात - फोटो : अमर उजाला
ये है स्टॉर्म वॉटर डिस्चार्ज योजना
मुख्य अभियंता ने बताया कि 2008-09 में बनारस में तैनाती के दौरान उन्होंने 200 करोड़ लागत वाली स्टॉर्म वॉटर डिस्चार्ज योजना लागू की थी। जेएनएनयूआरएम के तहत अमल में गई इस योजना से लोगों को जलभराव से निजात मिली थी। इसके अंतर्गत शहर के क्षेत्रफल, बरसात में निकलने वाले पानी की मात्रा, मौजूदा नालों की संख्या, इनसे बरसाती पानी निकलने के समय, अड़चन आदि की गणना की जाएगी।

इसके बाद यह आकलन होगा कि बरसाती पानी को एक से दो घंटे में निकालने के लिए कितने और नालों की जरूरत है। साथ ही उनकी चौड़ाई और गहराई कितनी होनी चाहिए। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजकर मंजूरी ली जाएगी। 
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