कानपुर। औद्योगिक क्षेत्र पनकी में उस समय तनाव की स्थिति हो गई जब नगर निगम की टीम दल बल के साथ उद्योगों पर बीते तीन वर्षों का बकाया गृहकर दिखाते हुए सीलिंग की कार्रवाई करने के लिए पहुंची। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम की कार्रवाई का विरोध जताया। उद्यमी बोले, जब पुराना टैक्स दे चुके तो फिर से कैसे नोटिस भेज रहे, कुर्की के विज्ञापन निकाल रहे हैं। उद्योगों को बंद कर देंगे तो उत्पादन के साथ रोजगार भी बंद हो जाएगा। नियमों को पालन किया जाए, मनमानी न की जाए। विरोध के बाद टीम को लौटना पड़ा।
संस्था के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील वैश्य ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 तक कानपुर नगर निगम द्वारा उद्यमियों को भेजे गए सभी बिल और गृहकर समय पर जमा कर दिए गए हैं। इसके बावजूद इस वर्ष कानपुर नगर निगम द्वारा गृहकर में अचानक अत्यधिक वृद्धि करते हुए उसकी डिमांड वित्तीय वर्ष 2022-23 से लागू दिखाई जा रही है जो पूरी तरह अनुचित है। टीम पनकी की दाल और नमकीन फैक्टरी में कार्रवाई करने पहुंची थी।
इस संबंध में वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 व 2024-2025 में न तो पहले कोई नोटिस दिया गया और न यह स्पष्ट किया गया कि किस नियम या धारा के अंतर्गत यह कर बढ़ोतरी पीछे से लागू की गई है। संस्था के अध्यक्ष आरके अग्रवाल ने कहा कि पिछले वर्षों से गृहकर बढ़ाया गया है। यदि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है तो यह कार्रवाई कानून विरोधी और दमनकारी मानी जाएगी। चेतावनी दी कि संस्था किसी भी परिस्थितियों में किसी उद्योग की सीलिंग नहीं होने देगी। इस मौके पर हर्षल अग्रवाल, जय हेमराजानी, दिनेश बरासिया, विक्रांत अग्रवाल, विशाल नड्डा, संदीप सावलानी आदि मौजूद रहे।
सीलिंग की धमकी और फोर्स के साथ दबाव बनाना अस्वीकार्य
संस्था के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने नगर निगम की इस कार्रवाई को अनुचित, गैर पारदर्शी और उद्यमियों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बताया। कहा कि उद्यमी रोजगार के अलावा देश के विकास के लिए समय पर टैक्स भी जमा कर रहे हैं। उद्योगों के सामने सीलिंग का डर दिखाना और फोर्स के साथ पहुंचकर उन्हें दबाव में लाने का प्रयास उद्यम समुदाय का मनोबल तोड़ने वाला भी है।