तीन दिन की जद्दोजहद के बाद आखिरकार सोमवार की शाम परेड की मुर्गा मार्केट पूरी तरह खाली करा ली गई। इसी के साथ वहां मल्टीस्टोरी पार्किंग और कामर्शियल कांप्लेक्स निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उधर, मछली बाजार के बगल में नया मुर्गा मार्केट (एकता मार्केट) पूरी तरह से बसा दिया गया है। वहां बिक्री भी शुरू हो गई। दोनों ही जगहों पर पुलिस और प्रशासन लगातार निगाह रखे हैं।
दोपहर करीब ढाई बजे सब्जी-फल मार्केट परेड व्यापार मंडल के अध्यक्ष अखलाक अहमद उर्फ बबलू ने हाईकोर्ट से स्टे मिलने का दावा करते हुए शिफ्टिंग रुकवा दी। एडीएम (सिटी) अविनाश सिंह ने बबलू सहित अन्य दुकानदारों से बात की।
केडीए के अधीक्षण अभियंता सरवत अली ने केडीए के विधि विभाग के प्रभारी संयुक्त सचिव प्रदीप सिंह के माध्यम से जानकारी की। सरवत अली ने बताया कि मिस्बाहुल हक इस जमीन के मालिकाना हक को लेकर हाईकोर्ट गए हैं, कोर्ट ने स्टे नहीं दिया। इस मामले की सुनवाई 8 मार्च को होनी है।
एडीएम ने दुकानदारों को विश्वास में लेकर पुन: शिफ्टिंग शुरू कराई। वहीं, मिस्बाहुल हक ने सोमवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसमें उन्होंने खुद को उस जमीन का मालिक होने का दावा किया। केडीए का कहना है वह सूची नहीं हैं।
एचबीटीआई यूपीपीटीआई में लगेगा सोलर पैनल
एचबीटीआई और यूपीटीटीआई में 50-50 किलो वाट का सोलर पैनल लगाया जाएगा। इससे जो बिजली पैदा होगी, उसका इस्तेमाल लैब, लाइब्रेरी और क्लास रूम में किया जाएगा। इसी सिलसिले में मंगलवार को प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा मुकुल सिंघल ने लखनऊ में मीटिंग भी बुलाई है।
इसमें नेडा के डायरेक्टर भी शामिल होंगे। राज्य सरकार ने अब सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने का फैसला किया है। इसी सिलसिले में ही एचबीटीआई और यूपीटीटीआई सहित यूपी के सभी इंजीनियरिंग कॉलेज, टेक्निकल यूनिवर्सिटी में सोलर पैनल लगाने का फैसला हुआ।
यूपीटीटीआई में सोलर पैनल लगाने का पैसा डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) से मिलेगा। एचबीटीआई को अपने स्रोतों से पैनल लगवाना पड़ेगा। इस संस्थान ने एकेटीयू से पैसा मांगा था लेकिन मना कर दिया गया। एकेटीयू का कहना है कि एचबीटीआई यूपी की तीसरी टेक्निकल यूनिवर्सिटी बनने वाली है। इसलिए आर्थिक मदद नहीं की जा सकती है। सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में सोलर पैनल लगाने का खर्च एकेटीयू उठाने को तैयार है।